कला साहित्य एवं संस्कृति

⚫ गोवा – 9 ? हनुमान वर्सेज़ चैपल नुमा क्रूस .

 

8.02.2018

गोआ /

इस रिपोर्ट में   कही हनुुुमान के मंदिर नही है ,क्योकि किसी भी हिंदी क्षेत्र मे आपको जगह जगह हनुमान जी या और कोई जी छोटी बडे मंदिरों में विराजमान मिल ही जायेंगे.
में बात कर रहा हूं गोआ

की ,यहाँ भी कहिं भी सडक के किनारे ,सडक के बीचों बीच या जहाँ भी खाली जगह मिले तो सुंदर से क्रूस खड़े मिल जाएंगे ,बिल्कुल हिंदु भगवानों की तरह दीपक की जगज मोमबत्ती स्टेंड ,फूलमाला और कपडे से सजाये गये क्रूस ,कहीं कहीं छोटे से कमरे में दो तीन कुर्सी और पूजापाठ का सामान .


कोई भी कह सकता है कि यह सब कब्जाई जमीन पर ही है ,और थोड़ी थोड़ी डिस्टेंस पर यह मिल जायेंगे ,कहीं तो पहाड़ की चट्टानों या घने जंगल मे भी.
मेरे लिखने का आशय किसी की आलोचना करना भी नहीं है ,सिर्फ यह दिखाना भर है कि धर्म को मानने वाले जहां बहुमत है वे ज़्यादा एग्रेसिव और पहचान के दिखावे से दूसरे धर्मो पर वरोयता चाहते है , इसका उदाहरण सब जगह मिल ही जाता है .

मेने कोई खास मेहनत नहीं कि और यह तसवीर ले ली .

सिर्फ इतना औऱ की इनकी स्थापना की तुलना में मंदिर की राजनीति से नही कर रहा हूँ , मुझे लगा भी नही .
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