कला साहित्य एवं संस्कृति

● रऊफ परवेज नहीं रहे , बस्तर के रचना संसार का एक और जगमगाता दीपक बुझ गया है.

22.01.2019

आदरणीय रऊफ परवेज नहीं रहे। बस्तर के रचना संसार का एक और जगमगाता दीपक बुझ गया है। वे ऐसे रचनाकार थे जो दुनियावी चमकदमक से दूर केवल अपनी रचनात्मकता के साथ शानी से ले कर लाला जगदलपुरी तक के हर दौर में समान रूप से प्रशंसा पाते रहे, सर्वदा प्रासंगिक थे। कैसा दुर्भाग्य है न कि देश की कथित मुख्यधारा में उनका स्थान है ही नहीं, जिनके लिये सृजन साधना बना रहा। इसके बाद भी रऊफ परवेज हमेशा रहेंगे उनके बीच जो सचमुच शब्दों को ओढते बिछाते हैं। देश के श्रेष्ठतम गजल लिखने-कहने वालों का जब भी निर्पेक्ष मूल्यांकन होगा आपको रऊफ परवेज अग्रिम पंक्तियों में दिखाई पड़ेंगे।.

…..जब भी मिला, उनकी विनम्रता से बहुत प्रभावित हुआ। जगदलपुर में स्नातक का छात्र होने के दौर में मैं उनके सम्पर्क में आया था। अनेक गोष्ठियों में रऊफ जी को सुनने का अवसर मिला, यहाँ तक कि उन्हें अपनी रचनायें सुना कर मार्गदर्शन पाने का भी। बिना लाग-लपेट, अत्यधिक सादगी से जीने वाले रऊफ परवेज अपना रचना संसार हमारे लिये छोड कर अब अल्लाह को प्यारे हो गये हैं।

आप हमारे बीच हमेशा रहेंगे, विनम्र श्रद्धांजलि।

राजीव रंजन प्रसाद की फेस बुक से….

Related posts

पुरातात्विक दस्तावेज़ : योगी की मूर्ति और अभिलेख: भोरमदेव , छत्तीसगढ़ ; अजय चंन्द्रवंशी 

News Desk

शरद कोकास की 5 कविताएँ और हर कविता पर संक्षिप्त नोट

News Desk

दमन के खिलाफ एकजुटता बयान .:  Solidarity Statement against Repression : 80 से भी ज़्यादा फिलिस्तीनी, लातिन अमरीकी और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने गिरफ्तार मानव अधिकार कार्यकर्ताओं के लिए एकजुटता का एक सशक्त सन्देश.

News Desk