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ख़ून आलूदा आँखें हैं कश्मीर के पास .कश्मीर पर दो कविताएँ , अंशु मालवीय .


( 1 )
कश्मीर और राष्ट्र –

कश्मीर एक क़ब्र है
ज़िन्दा लोगों की

जिसके सिरहाने
हिंदुस्तानी आईन : का
क़त्बा लगा है

क़त्बे पर लिखा है
राष्ट्र एक क़ब्र है ……… उनकी
जिनके ज़ेहन मर चुके हैं

( 2 )

ख़ून आलूदा आँखें हैं
कश्मीर के पास
राष्ट्र के पास
पैलेट गन है

बेनाम क़ब्रें हैं
कश्मीर के पास
राष्ट्र के पास
कटीली बाड़ें हैं

गुमशुदा नौजवान
और बेवा औरतें हैं
कश्मीर के पास
राष्ट्र के पास
यूनीक आइडेन्टिटी नम्बर है

पत्थर हैं
कश्मीर के पास
राष्ट्र के पास
ऊँची बुर्जियों वाले किले हैं

ज़ाया होती पीढ़ियाँ हैं
कश्मीर के पास
राष्ट्र के पास / साम्राज्य के स्वप्न हैं

ख़ून आलूदा आँखें हैं कश्मीर के पास Anshu Malviya

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