मानव अधिकार राजकीय हिंसा

हिरेली की मुठभेड़ फर्जी ,गुड्डी को दौड़ा दौड़ा कर मारा पुलिस ने.पुलिस ने जारी की दर्ज मामलों की सूची .

लिंंगाराम कोडोपी का फेसबुक नोट

ग्राम हिरोली की यह घटना फर्जी हैं। गुड्डी नक्सली नहीं था और न ही नक्सल संगठन से जुड़ा हुआ था। पैसे व इनाम , प्रमोशन के लालच में पुलिस प्रशासन ने इस घटना को माओवादी मुठभेड़ बता रही हैं।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुड्डी तलाब में मजदूरी कर रहा था, जिला दन्तेवाड़ा की D.R.G. पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर मारा है।

पुलिस ने यह जारी किया है जिसमे उसके बारे में दर्ज केस का विवरण हैं ््

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