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हिंसा के खिलाफ़ और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट हुआ रायगढ़

भारत के संविधान की मूल भावना के खिलाफ़ बने नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 का पूरे देश मे व्यापक विरोध हो रहा है। पूरे छत्तीसगढ़ के अलग अलग शहरों में भी लगभग हर रोज़ लगातार इसका विरोध करने लोग सड़कों पर निकल रहे हैं।

JNU के छात्रों पर रविवार की शाम हुए जानलेवा हमले का विरोध करने के लिए छत्तीसगढ़ के रायगढ़ ज़िले में भी विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी अपना विरोध दर्ज कराया है। विरोध प्रदर्शन में अखिल भारतीय शांति एवं एकजुटता संगठन, इप्टा रायगढ़, प्रगतिशील लेखक संघ, जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा आदि के लोग शामिल हुए।

हाथों में विरोध के स्लोगन की तख्तियाँ लिए नारे लगाते सभी लोगों ने छात्रों पर हो रही हिंसा की निंदा की। उन्होने हमले मे शामिल गुंडों को गिरफ्तार करने की मांग की। सीएए एनआरसी और एनपीआर के नाम पर देश मे धार्मिक अलगाव पैदा करने की केंद्र सरकार की कोशिशों पर भी लोगों ने सवाल उठाए और कहा कि हमारा संविधान धर्म के आधार पर किसी से भेदभाव नहीं करता है, यही हमारे संविधान की मूल भावना है और यही भारत की मिलीजुली संस्कृति का सौंदर्य भी है। हमारी इस गौरवशाली संस्कृति को नष्ट करने की कोशिश सीएए बनाकर की गई है। इससे पूरे देश मे अराजकता फैलाने की साजिश की जा रही है और सर्वधर्म संभाव की भावना पर हमला किया गया है। हम भारत के अमन पसंद लोग इस साज़िश को कभी भी कामयाब नहीं होने देंगे। प्रदर्शन में अजय आठले, गणेश कछवाहा, वासुदेव शर्मा, उषा आठले, सविता रथ, राजेश त्रिपाठी, भरत निषाद और सुमित मित्तल आदि मौजूद थे।

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