आंदोलन महिला सम्बन्धी मुद्दे मानव अधिकार

सुधा भारद्वाज आदिवासियों ,किसानों,मजदूरो, दलितों छात्रों ,महिलाओं के आवाज थी,कारपोरेट लूट के खिलाफ संघर्ष कर रही थी. उनकी गिरफ्तारी का पूरे देश में आक्रोश .मेधा पाटकर .पीयूसीएल दुर्ग में विरोध सभा .

आज मानव अधिकार संगठन पी यू सी एल के बैनर तले एक दिवसीय सम्मेलन किया गया ,सम्मेलन में प्रमुख रूप से सुधा भारद्वाज के गिरफ्तारी का विरोध किया गया सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने कही की सुधा भार द्वाज आदिवासियों ,किसानों,मजदूरो, दलितों क्षात्रों,महिलाओं के आवाज थी,कारपोरेट लूट के खिलाफ संघर्ष कर रही थी,मजदूरों के न्यूनतम वेतन और ठेकेदारी प्रथा के खिलाफ लड़ रही थी .


यह काम सरकार को रास नही आई और योद्धा महिला को जेल के चार दिवारी के अंदर बंद कर दिया ,लोकतंत्र में यह बड़ा भयावह घटना है जो बोलने के आजादी को कुचलने का काम कर रही है,मेधा ने आगे कही की जनता को जीने का अधिकार दो,जनता को दबाने का कोशिश मत करो,कारपोरेट के हाथों जल जंगल जमीन को मत दो,सविधान का सम्मान करो,सुधा जी सहित गिरफ्तार किए गए मानव अधिकार कार्यकर्ताओ को रिहा करो,सरकार जनता के सभी संसाधनों को छीन रही है,जिसके खिलाफ जब जनता सड़क पर उतरती है तब वो देशद्रोही हो जाते है देश मे जन विरोधी काम सरकारे कर रही है.

वक्ता में राजेंद्र सायल,विजेंद्र तिवारी,भीमराव बांगड़े,जनक लाल ठाकुर,राजकुमार साहू,रिनचिन, सुरेन्द मोहन्ती , गौतम बंधोपाध्याय .प्रसादराव, राजेन्द्र परगनिहा,सुदेश टेकाम,भरत भूषण पांडे, आलोक. शुक्ला , सावित्री,दशमत सभी ने सुधाभरद्वाज के रिहाई के लिए सड़क पर उतर कर जनांदोलन करेंगे आने वाला 1 जुलाई को देशभर के लिए जुट कर सुधा भारद्वाज सहित मानवधिकार कार्यकर्ता के रिहाई के लिए हुंकार भरेंगे साथ ही गिरफ्तारी देने का कार्यक्रम होगा.

चाहे लाठी चले या गोली पीछे नही हटेंगे.

अजय टी जी ने संचालन किया,जन मुक्ति मोर्चा और ऱेला ने जनगीत प्रस्तुत किये.

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