आदिवासी मानव अधिकार शासकीय दमन सांप्रदायिकता

सुकमा , मसीह समाज पर हुये हमले ,धर्म का अनुपालन करना असुरक्षित .पुलिस हमलावरों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर रही . न एफआईआर न कहीं न्याय .

मसीह घर्म को मानना अपराध की तरह हो गया हैं । मसीहियों के घर में तोड़ फोड़ की रही है . इन्हें पुलिस का सरंक्षण प्राप्त है यहां तक की पुलिस उच्च न्यायलय आदेशों की धज्जियां उड़ा रही है , न्यायिलय के अधिकारों का उपयोग खुद पुलिस अपने आप रही है ।

जानकारी देते हुए छत्तीसगढ किश्चिन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल एंव महासचिव रेव्ह अकुश बरियेकर ने बताया , दिनांक 23 / 05 / 2019 प्रात : 11 बजे ग्राम बोडिगुडडा थाना दोरनापाल जिला सुकमा मे बोडी कन्ना पदाम कोना बोडडी बजार , बोडडी लच्छा सरियम देशा , सरियम दुल्ला एंव उनके कई साथियों ने करम्म् पूरम देशा , पण्डा सुब्बा , एंव हिरमा सरियम के घरो में बलात प्रवेश किया , अनाज एंव घरेलू सामग्री को लूट लिया , महिलाओं के छेडछाड की , साडी पकड़ के खींचा , गालीगलौच दे जान के मारने की धमकी दी आक्रमणकारियों की मांग थी कि मसीह घर्म मानना छोड़ दे ।

इसकी शिकायत पास्टर फिलिप ने थाने की , थानेदार ने कोई भी शिकायत नही ली. और साफ कह दिया की एफआईआर दर्ज नहीं करूंगा । घटना स्थल पर जाने से भी मना कर दिया और ना ही फोर्स भेजी , ऐसा ही 24 मई को भी किया गया । 25 मई को मसीह समाज प्रतिनिधियों ने सुकमा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा .

27 मई को छत्तीसगढ किश्चिन फोरम अध्यक्ष अरूण पन्नालाल ने एफआईआर दर्ज करने का निवेदन किया और लिखित शिकायत भी दी , जिसे नहीं लिया गया , आज तक एफआईआर भी नही हुआ है ।

जिला सुकमा पिछले 3 वर्षों से तोडफोड़ की घटना हो रही जिसमें / 02 2019 19 / 11 2017 – 23 / 05 2019 घटित चुकी है जिस पर आज तक कोई एफआईआर नही पीड़ितों को झुठी नक्सली धाराओं फ़साने की धमकी देना आम बात हो है . माननीय उच्च न्यायलय बिलासपुर के आदेशों के स्पष्ट निर्देश है कि एफआईआर दर्ज की जाये एंव धर्म मानने की आजादी सुरक्षित हो .किन्तु पुलिस ने लीपापोती करने के लिये शांति सभा का आयोजन कर समझौता करा दिया . जो पूरी तरह गैरकानूनी एंव अवैध है । संगीन धाराओं का समझौता कराना न्यायालय का अधिकार है ।

भोलेभाले आदिवासियों को धमका चमका कर हस्ताक्षर कराये गये किसी भी अधिकारी ने समझौते नार्म पर अपने हस्ताक्षर नही किये है ,

छत्तीसगढ किश्चिन फोरम की मांग है . थानेदार दोरनापाल एंव पूर्व पुलिस अधीक्षक मरावी तत्काल निलबिंत किया जाये , मामले को लेकर जांच कराई जाये , सहयोगी अधिकारियों पर भी कार्यवाही की जाये . पीडितों का एफआईआर तुंरत लिखा जाये कार्यवाही नही होने दशा में जिला सुकमा , संभाग बस्तर एंव रायपुर में विशाल धरना प्रदर्शन किया जायेगा एंव माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हो ज्ञापन सौंपा जायेगा .

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