विज्ञान

सिमगा में कम्बल वाले बाबा उर्फ गणेश यादव के तथाकथित स्वास्थ्य शिविरों पर रोक लगे डॉ दिनेश मिश्र

 

29.05.2028

रायपुर 

अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने कहा पिछले कुछ समय से अहमदाबाद (गुजरात) के पास के एक व्यक्ति गणेश यादव जो कि स्वयं को कम्बल वाले बाबा के नाम से प्रचारित करता है तथा अपने कम्बल को मरीजों को ढाँकने से, झाड़-फूँक करने से, मनुष्यों की बीमारियों को ठीक करने की बात प्रचारित करता है तथा वह पिछले 3 सप्ताह से सिमगा में शिवनाथ नदी के पास ऐसे शिविरों का आयोजन करता है, इस प्रकार के शिविर संदेहास्पद हैं। चिकित्सा विज्ञान इस प्रकार के दावों को सत्य नहीं मानता तथा विज्ञान के अनुसार भी किसी भी बीमारी का उपचार इस प्रकार कम्बल ओढ़ाने, विचित्र प्रकार से झाडफ़ूँक करने, हाथ-पैर मोडऩे, पटकने, झापड़ मारने, धक्का देने से संभव नहीं है और न ही ऐसी किसी प्रणाली को चिकित्सा विज्ञान ने मान्यता दी है। स्वास्थ्य शिविर के इस प्रकार के प्रचार से अशिक्षित और ग्रामीण अँचल के ऐसे लोग जो स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं, अपने उपचार के लिए चले जाते हैं जो शारीरिक एवं मानसिक रूप से ठगे जाते हैं।

उल्लेखनीय है कि उक्त व्यक्ति द्वारा इस प्रकार के शिविर सरगुजा क्षेत्र में भी लगाये गये थे जिसकी शिकायत हमने जिलाधीश, सरगुजा से की थी तथा उसके बाद उस क्षेत्र में इस प्रकार के शिविर पर रोक लगाई गई थी तथा बाद में उसे सरगुजा के पास के अन्य जिलों में भी शिविर लगाने की अनुमति नहीं प्रदान की गई थी। उक्त शिविर में तथाकथित कम्बल बाबा मरीजों से 150 रूपये लेकर उन्हें एक ताबीज तथा अपनी फोटो भेजता है और लोगों को गुमराह करता है कि वे उससे रोगमुक्त हो जायेंगे। 

इंडियन ड्रग एंड मेजिक रेमेडी एक्ट 1954 के तहत ऐसी 54 बीमारियों जिसमें डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, विकलांगता शामिल हैं, का इस प्रकार तथाकथित झाडफ़ूँक से उपचार करना तथा उसका प्रचार करना कानूनी अपराध है तथा छत्तीसगढ़ नर्सिंग होम एक्ट के अंतर्गत भी यह गैरकानूनी है।

कम्बल वाले बाबा उर्फ गणेश यादव के तथाकथित स्वास्थ्य शिविरों पर प्रतिबंध लगाया जाये ताकि क्षेत्र की भोली-भाली जनता को अंधविश्वास, ठगी से और धोखाधड़ी से बचाया जा सके।

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