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सारे देश में कल महिला मार्च.औरतें उठ्ठी नहीं तो.जुल्म बढता जायेगा.ःः ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम .

3.04.2019

जैसा कि हम सभी जानते हैं देश की आज़ादी के बाद भी देश की आधी आबादी की मुश्किल कभी कम नहीं हुई। पिछले पांच सालों में तो देश के अंदर साम्प्रदायिक और नफ़रत के माहौल में सबसे अधिक अत्याचार देश की महिलाओं पर बढ़े हैं। देश के अंदर ब्राह्मणवादी और पुरुषसत्तावादी विचारों को और भी मजबूत करने का कुचक्र तेज हो चला है। महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों पर हमला लगातार बढ़ रहा है. महिला सुरक्षा के प्रति सरकार बेहद उदासीन है। ।

भारतीय संस्कृति और महिला सम्मान की दुहाई देने वाली वर्तमान बीजेपी सरकार संसद में महिलाओं को समुचित प्रतिनिधित्व देने के प्रति उदासीन और हर मोर्चे पर उन्हें दोयम स्थान पर ही रखती आई है
महिला सुरक्षा, बेरोज़गारी, भुखमरी, मंहगाई की मार का सबसे अधिक प्रभावित देश की महिलाएं होती हैं। ऐसे में 2019 के चुनाव के ठीक पहले देश की महिलाओं ने डर, हिंसा, साम्प्रदायिकता, ग़ैरबराबरी और फ़ासीवाद के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है।

4 अप्रैल को देश भर के विभिन्न शहरों में देश की महिलाओं ने वर्तमान सरकार के खिलाफ़ प्रतिवादी मार्च का आयोजन किया है।

ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम देश की महिलाओं के इस प्रतिवाद मार्च का सिर्फ समर्थन ही नहीं करती बल्कि इस मार्च में हिस्सेदारी सुनिश्चित करती है और ये मांग करती है कि….

1. महिलाओं के खिलाफ हिंसा और बलात्कार जैसी जघन्य घटनाओं को रोकने के लिये तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं और कोर्ट एवं जजों की नियुक्ति बढ़ाई जाए ताकि इन मामलों में जल्द सुनवाई और सजा हो सके।
2. हॉनर किलिंग जैसे पाशविक अपराध के खिलाफ सख़्त कानून बनाओ।
3. लोकसभा और विधानसभाओं में बिना किसी हीला हवाली के 33 प्रतिशत आरक्षण बिल पास करो।
4. अंतरजातीय और अंतर्धार्मिक शादी – ब्याह पर पर जबरिया मोरल पोलिसिंग करने वाले गुंडा वाहिनी और स्वयंभू भगवा संगठनों पर कड़ी कार्यवाई करो और ऐसे संगठनों को गैर कानूनी घोषित करो।
5. असंगठित कार्यक्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा, मातृत्व अवकाश और उनके छोटे बच्चों के लिए काम की जगहों के पास क्रेच की व्यवस्था सुनिश्चित करो।
6. आंगनबाड़ी और आशा वर्कर आज देश में लाखों की संख्या में हैं, पर उनकी मजदूरी खुद सरकार ने शर्मनाक स्तर पर कर रखी है, ऐसे सभी महिलाकर्मियों की न्यूनतम मजदूरी 18000 प्रति माह अविलंब लागू करो।

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एन डी पंचोली
जॉन दयाल
विजय प्रताप
प्रेम सिंह गहलावत
अम्बरीष राय
कविता कृष्णन
किरण शाहीन
विद्याभूषण रावत
गिरिजा पाठक
मनोज सिंह
AIPF सेक्रेटेरिएट की तरफ से जारी

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