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शहीद वीर नारायण सिंह की याद में होगी विशाल संघर्ष सभा, 19 दिसंबर, भिलाई

फ़ोटो क्रेडिट – गूगल

भिलाई। छत्तीसगढ़ मुक्तिमोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति इस माह की 19 तारीख को छत्तीसगढ़ के माटीपुत्र शहीद वीर नारायण सिंह के शहादत दिवस पर भिलाई के सुपेला नगर में विशाल संघर्ष सभा का आयोजन कर रही है। मजदूर कार्यकर्ता समिति की तरफ़ से प्रदेश के तमाम प्रगतिशील लोगों के लिए इसका आमंत्रण जारी किया गया है।

जनता द्वारा जनता के लिए संघर्ष करने का बढ़िया उदाहरण छत्तीसगढ़ के इतिहास मे मिलता है। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के ठीक पहले वो साल 1856 का समय था। छत्तीसगढ़ मे कसडोल के सोनाखान इलाके में भयंकर सूखा पड़ा था। वनाच्छादित प्रदेश होने के बावजूद कंदमूल तक की उपलब्धता नहीं रह गई थी। साहूकारों ने सारा अनाज जमाखोरीमे में दबा रखा था। लोग भूखो मर रहे थे, मवेशियों तक की हालत खराब थी।

इलाके के सरदार वीर नारायण सिंह के परिवार ने अपनी ज़मीन जायदाद, गहने आदि सबकुछ गिरवी रखकर जब तक हो सका गाँव वालों के लिए अनाज का इंतज़ाम किया। उस समय के सामंतवादियों ने अनाज के बदले गाँव की बहू बेटियों को गिरवी रखने की मांग कर डाली।

विरनरायन सिंह ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि हमारे ही उगाए अनाज को ये लोग अपनी कोठियों मे भरते हैं और आज अकाल जैसी विपत्ति के समय में उसी अनाज के बदले हमसे हमारी बहू पेटियों का सौदा करना चाहते हैं। ये घोर अन्याय है हम मर जायेंगे लेकिन ये नहीं होने देंगे।

वीर नारायण सिंह ने आदिवासीयो को संगठित किया और सामन्तियो की कोठियों मे बंद अनाज छीनकर गाँव वालों मे बाँट दिया। अंग्रेज़ी शासन के मुह पर ये एक जोरदार तमाचा था। वीर नारायण सिंह को रायपुर में फांसी की सूली पर चढ़ा दिया गया।

आज आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी शासन का वो सामंतवादी रवैया बरकरार है और आज भी गाँव के भोले भाले आदिवासियों को वैसी ही गरीबी मे जीवन यापन करना पड़ रहा है। वर्तमान में भी आदिवासियों के साथ और तमाम लोकतंत्र प्रेमी आवाम के साथ दमन किया जा रहा है। आज भी शहीद वीरनरायन सिंह का संघर्ष हम सबको दिशा दे रहा है कि आगे बढ़ो वरना ये कारपोरेट, पूंजीवाद के रूप में आवाम को नोचकर गुलाम बनाने के षड्यंत्र मे कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

वीर नारायण सिंह के इतिहास के बारे में शहीद शंकर गुहा नियोगी ने विस्तार से जानकारी जुटाई और दुनिया के सामने लाए. फिर पहला शहीद दिवस सोनाखान ओर दल्लीराजहरा में मनाया गया। नियोगी जी ने ही कोडार बांध का नाम शहीद वीरनारायण सिंह के नाम पर रखने की बात काही थी।

आज की परिस्थितियों को देखते हुए 19 दिसम्बर को भिलाई के सुपेला नगर निगम के पास मैदान में छत्तीसगढ़ मुक्तिमोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति की तरफ़ से एक विशाल संघर्ष सभा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों कि तरफ़ से मजदूर नेता कलादास डहरिया ने कहा कि सभी जनसंगठन, ट्रेड यूनियन, महिला संगठन, लेखक, कवि, प्रोफेसर, अधिवक्ता, तमाम जनवाद पसन्द लोगों को इस संघर्ष सभा मे आमंत्रित किया जा रहा है। कार्यक्रम का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक तय किया गया है।

सभा मे शामिल होने के इच्छुक लोग इन नंबरों पर संपर्क करके अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं 8435549641, 8435442650, 9329025734, 9754094021, 9926943917

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