कला साहित्य एवं संस्कृति

वेलेण्टाइन डे पर ःः. कुछ प्रेम कवितायें मेरी ओर से ःः सीमा आज़ाद.

Photo Richa Nigam

कुछ प्रेम कवितायें मेरी ओर से

1
तुम हो
तो दिल प्यार से प्यार से भरा हुआ है
इसलिए यह दुनिया भी।
दुनिया में प्यार रहे
इसलिए
तुम्हारा मेरे साथ होना जरूरी है।

2018 Rajendra Kumar जी और आंटी के प्यार के नाम

2

तुमने हस्तक्षेप किया
मेरी सीमा में
और तुम्हारी सीमा असीम हो गयी।
मेरी आंखों उभरे हैं
जो नये दृश्य
पहचानों इन्हें,
तुम्हारे ही भरे रंग हैं इनमें
और तुम,
जरा देखो तो अपनी ओर
कितने सृजनशील हो गये हो तुम,
जो तराश रहे हो मुझे
और गढ़ते जा रहे हो खुद भी
सच, सरल हो गये तुम।
यूं ही साथ-साथ
एक दूसरे को रचते
हम रचेंगे रोज
नये दृश्य
एक दूजे की आंखों में
गढ़ेंगे दोस्ती को
और पहुचेंगे
मानवीय सम्बन्धों के शिखर तक
निरन्तर!
निरन्तर!

2001 में कभी

3

प्यार में डूबी
सूरज की एक बेटी
सतरंगी चुनर ओढ़
परम्परा को तोड़
चल पड़ी जलपुत्र से मिलने
जलपुत्र ने आगे बढ़
भर लिया उसे बांहों में
चूम लिया उसका तपता चेहरा
लाज के रंग
बिखर गये इधर-उधर
और सबने देखा-
आसमान में सात रंगों वाला
एक इन्द्रधनुष तना था।
– सितम्बर 1999

4

जैसे देखा हमने आज
दो ग्रहों को
वैसे ही
मैं और तुम
यानि हम
एक दूसरे के इतना करीब
कि महसूस कर सकें
आपसी गर्मी को।
और इतने दूर
कि देख सकें एक दूसरे की कमियों को।
मैं और तुम के
‘हम’ होने के बावजूद
बरकरार रहे
हमारा स्वतंत्र अस्तित्व-व्यक्तित्व।

मार्च 2003

5

मुझे प्यार हुआ तुमसे
तब, जब
मेरे अन्दर जागी नफरत
समाज की
पितृसत्तात्मक, भोगी संस्कृति से
जितनी ही बढ़ती गयी नफरत
उतना ही बढ़ता गया प्यार
और हम साथ हुये।

मुझे प्यार है तुमसे
इसलिए नफरत है उन संस्कारों से
जो रोकते हैं हमें
प्यार की गहराइयों में उतरने से
बांधते हैं हमें छोटी-बड़ी
ढेरों क्षुद्रताओं में।

जितनी ही बढ़ेगी नफरत
उतना ही बढ़ेगा प्यार

प्यार के लिए
नफरत बहुत जरूरी है
नफरत के लिए
प्यार बहुत जरूरी है।

2010 जेल में हमारे वेलेण्टाइन डे पर
Photo Richa Nigam

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