अदालत मजदूर महिला सम्बन्धी मुद्दे मानव अधिकार

वीरगांव रायपुर में  आज मशाल जुलूस , प्रदर्शन : मानव अधिकार कार्यकर्ताओं पर दमन करना बंद करो! ग़रीब जनता के पक्ष में आवाज़ उठाने वालों को गिरफ़्तार करना बंद करो!.

31.08.2018 रायपुर 

सुधा भारद्वाज एक मज़दूर नेत्री  और वक़ील है जिन्होंने तीस साल छत्तीसगढ़ के मज़दूरों और आदिवासियों के बीच में काम किया है। उन्होंने सेकडों मज़दूरों के लिए कोर्ट में लड़ाई लड़ी है – वेतन से लेकर काम से बिठाने की। रायपुर के मज़दूर नगर को जब बसाया गया था तो वो ना ही ग्राम पंचायत में आया और ना ही नगर पालिका में – जिन मज़दूरों को सरकार अदृश्य करना चाहती थी सुधा जी ने ही इनकी लड़ाई कोर्ट में ले जाकर उनको नगरिकता दिलवाया। रायगढ़ के विस्थापित जनता से लेकर धमतरी के किसानों और महिलाओं के बलात्कार के केस तक – सुधा दीदी ने हमेशा उत्पीडित जनता के हक़ के लिए आवाज़ उठाया है और सच का साथ दिया है। ग़रीब जनता को न्याय दिलाने के लिए लगातार संघर्ष किया है।

आज की मज़दूर विरोधी सरकार सच से डरकर ऐसे ही लोगों को गिरफ़्तार कर रही है। अभी हमारी बारी है सुधा जी जैसे लोगों के लिए न्याय दिलवाने के लिए संघर्ष करने को!

तो चलिए सचाई और न्याय और हमारे साथी सुधा और अन्य मानव अधिकार कार्यकर्ताओं के लिए साथ मिलकर आवाज़ उठाते हैं!

*आज 31 अगस्त के शाम 5 बजे शहीद नगर से व्यास तालाब तक मशाल जुलूस है। उरला बीरगाँव के मज़दूर सब साथ में!*

सुधा जी को न्याय दिलाकर रहेंगे! हमसे बोलने सोचने हक़ के लिए लड़ने की आज़ादी नहीं छीन सकती है ये सरकार!!

छतीसगढ मुक्ति मोर्चा मजदूर कार्य कर्ता समिति

Related posts

बिलासपुर . मोबलिंचिग मामले मेंं पीडित अभिषेक मोगरे को मिली जमानत .

News Desk

श्रम कानूनों मेंं बदलाव और सोनभद्र में आदिवासियों की हत्याकांड के खिलाफ आंदोलन .

News Desk

JAGDALPUR LEGAL AID GROUP CONDEMNS THE ARREST OF ADVOCATE SUDHA BHARADWAJ – AN INTIMATE FRIEND, ALLY, MENTOR AND AN INSPIRATION.

News Desk