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लॉकडाउन : कैंसर पीड़ित गरीबों के लिए सस्ते इलाज की व्यवस्था करे सरकार, विजडम ट्री फाउंडेशन ने राखी मांग

बिलासपुर. द विजडम ट्री फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. पलक जायसवाल ने बिलासपुर कलेक्टर डॉ. संजय अलंग से मुलाकात की और कैंसर पीड़ित मरीजो के विषय में चर्चा करते हुए कहा कि शहर में ऐसे कई लोग हैं जिन्हें कैंसर जैसी घातक बीमारी है. लॉक डाउन होने की वजह से इनका व्यवसाय और इनकम पूर्ण रूप से बंद है. उनके पास दवा खरीदने तक के पैसे नहीं हैं. ऐसे ज़रूरतमंद लोगों को मेडिकल सहायता देने के लिए प्रशासन को कोई विशेष व्यवस्था करणी चाहिए.

वैसे तो कैंसर का इलाज सामान्य दिनों में भी आम आदमी की पंहुच के बाहर की ही बात है. पर लॉकडाउन जैसी आपात परिस्थित में इनकी तरफ विशेष ध्यान देने की ज़रुरत है. विजडम ट्री फाउंडेशन ने कलेक्टर से मांग की है कि स्वास्थ्य और परिस्थितियों का ध्यान रखते हुए कैंसर की दवाएं कम मूल्य पर जेनेरिक मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए. ताकि कैंसर के किसी मरीज़ की जान दवाओं के अभाव से न जाए,

इस दौरान पलक जायसवाल ने मजदूरों के विषय पर भी चर्चा करते हुए कहा कि बहुत सारे मजदूर जो हमारे छत्तीसगढ़ में लॉक-डाउन में फंसे है, वे इस इस वक्त काफी परेशान व दुखी हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह छत्तीसगढ़ सरकार ने कोटा में फसे छत्तीसगढ़ के स्टूडेंट्स को लाने की व्यवस्था की उसी प्रकार अन्य राज्य की सरकारों से बात कर मजदूरों को छत्तीसगढ़ लाने की व्यवस्था बनाई जाए.

बातचीत में डॉ. पलक जायसवाल ने कहा कि कुछ मजदूरों से उन्होंने बात की जो त्रिवेडी भवन में रुके है तो वो रोते हुए बोले आप “से हाथ जोड़ के विनती है कि हमे हमारे गांव घर भिजवा दीजिये हमारे घर वाले बहुत परेशान हैं. हमे हमारे जिले में ही कहीं रख दिया जाए ताकि हमारे घर वालों को तसल्ली रहे कि कम से कम हम उनके आसपास तो हैं.  

ऐसे ही द विज़डम ट्री फाउंडेशन की संस्थापक और स्वमसेवक लगातार जब से लॉक डाउन है तब से पूरे जिले में अलग अलग तरीके से ओगों की मदद कर रहे हैं.

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