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लारा संघर्ष ने किया एनटीपीसी के चेयरमैन मैनेजिंग डायरेक्टर से मुलाकात : नियमित रोजगार को लेकर किया वार्ता.

लारा संघर्ष के युवाओं को जैसे ही दिल्ली से सी.एम.डी. गुरप्रीत सिंह के आने की खबर हुई तो बड़ी संख्या में हड़ताल चौक छपोरा में एकत्र हुए और ज्ञापन देने का निर्णय लिया और इस बाबत् लारा प्रबंधन को सूचित किया। परंतु लारा प्रबंधन की युवाओं को मिलने से रोकने की लाख कोशिशों के बावजूद सी.एम.डी. से मिलकर ज्ञापन देने में सफल हुए।

ज्ञापन में मुख्य रूप से विगत दिनों श्रीमान् मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एनटीपीसी एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक में भू-विस्थापितों की सूची जारी कर पीएपी कार्ड उपलब्ध कराने निर्देशित किया गया था और साथ ही साथ छत्तीसगढ़ पुनर्वास नीति का कड़ाई से पालन करते हुए भू-विस्थापितों को नियमित रोजगार के साथ समस्त लाभ दिए जाने का निर्देश दिया गया था परंतु एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा वर्तमान में जो भर्ती विज्ञापन जारी किया गया है में कई प्रकार की विसंगतियों सहित अनेक बिंदुओं का उल्लेख है। जिसमे एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा प्रकाशित भर्ती विज्ञापन छत्तीसगढ़ आदर्श पुनर्वास नीति के अनुरूप नही है।

एनटीपीसी द्वारा एसआईपीबी में प्रस्तुत हलफनामा में 1600 पद स्वीकृत हैं जिसमे एग्जीक्यूटिव, नॉन-एग्जीक्यूटिव, अनस्किलड और सुपरवाइजरी के पद हैं जबकि अभी मात्र 79 पदों पर भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया गया है जो कि एसआईपीबी में प्रस्तुत हलफनामे के विपरीत है‌। एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा भर्ती हेतु जारी विज्ञापन में न तो अनस्किलड केटेगरी के भू-विस्थापितों के लिए पद प्रस्तावित है और न ही इंजीनियरिंग स्नातक, बी कॉम, एम कॉम, मेडिकल शिक्षा प्राप्त भू-विस्थापितों के लिए पद प्रस्तावित है।

पुनर्वास नीति के तहत एग्जीक्यूटिव पोस्ट में भू-विस्थापितों की नियुक्ति नही हो सकती परंतु उनके शिक्षा के अनुरूप सुपरवाइजरी के विभिन्न ग्रेड में नियुक्ति की जा सकती है जिसका एनटीपीसी प्रबंधन अनदेखी कर रहा है। एनटीपीसी द्वारा भर्ती हेतु जारी विज्ञापन में उम्र गणना भू-अर्जन की तिथि से की जानी चाहिए परंतु आवेदन की अंतिम तिथि को आधार मन गया है जो कि उचित नही है। वर्तमान मे एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा जारी विज्ञापन में जिस प्रकार से नियम एवम शर्तें रखी गई हैं समस्त भू-विस्थापित रोजगार से वंचित हो जाएंगे। छत्तीसगढ़ आदर्श पुनर्वास नीति के तहत भू-विस्थापितों को रोजगार नही दिए जाने तक शैक्षिणिक योग्यतानुसार रोजगार से प्राप्त होने वाली राशि के समतुल्य राशि (बेरोजगारी भत्ता) दिया जाना चाहिए जो कि आज पर्यन्त नही दिया गया है। भूमि विस्थापितों और प्रभावितों के समस्याओं के निराकरण हेतु जिला कार्यालय में अलग से काउंटर खोला जाए एवं उनके समस्याओं का निराकरण की त्वरित कार्यवाही की जाए। ऐसे भू-विस्थापित जिसने पुनर्वास राशि ले लिया है उनके रोजगार के संबंध में एनटीपीसी प्रबंधन निर्धारण करें। सी.एस.आर. के तहत जितने भी कार्य आज पर्यन्त हुए हैं उन्हें सार्वजनिक किया जाए।


चूंकि एनटीपीसी प्रबंधन को छत्तीसगढ़ आदर्श पुनर्वास नीति के तहत भू-विस्थापितों की सीधी भर्ती की जानी चाहिए परंतु प्रबंधन द्वारा छत्तीसगढ़ आदर्श पुनर्वास नीति के खिलाफ भर्ती करवाना चाहता है।


इस मौके पर एनटीपीसी क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक सिन्हा, डायरेक्टर प्रोजेक्ट, इ.डी. मदान जी.एम. एच. आर. अजय झा, ए.जी.एम. एच. आर. महापात्रे सहित एनटीपीसी के आला अधिकारी उपस्थित थे।

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