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रायगढ . सम्भावित हादसे से बची बस में 30 से 40 बच्चे थे सवार, समय बचाने की फेर में ड्राइवर ने लिया रिस्क.

लापरवाह बस ड्राइवर की वजह से हो सकता था बड़ा हादसा . संस्कार स्कूल-बोदातिकरा पुलिया रोड पर लॉयन्स स्कूल की बस पलटते हुए बची .

नितिन सिन्हा की रिपोर्ट

रायगढ़:- जिला मुख्यालय में संचालित विभिन्न निजी स्कूल प्रबंधनों की लापरवाहियां चरम पर है। अधिकांस स्कूल बसों के ड्राइवर कम उम्र के कम अनुभवी और लापरवाह प्रवृति के कहे जा सकते है। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि स्कूल बसों को चलाने वाले कई ड्राइवरों की उचित जांच किये बगैर उसे स्कूल बस चलाने के लिए दे दिया जाता है। आलम यह है कि साल में कई स्कूल बसों का छोटा-बड़ा हादसा घटित होते देखा जा सकता है। इस क्रम में आज सुबह करीब आठ बजे नवनिर्मित संस्कार स्कूल बोदातिकरा रोड में भी तब एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया जब लॉयन्स पब्लिक स्कूल के युवा और कम अनुभवी बस ड्राइवर ने पांच सात मिनट का समय बचाने की लालच में स्कूल बस को नव-निर्मित सड़क के किनारे नई मिट्टी भरे साइड से तेजी से निकालने के प्रयास में बच्चों से भरी बस को खतरनाक किनारे पर फंसा दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ड्राइवर की इस करतूत को देखकर सड़क से गुजर रहे राहगीरों की सांसें थम गई। कल शाम से जारी भारी बरसात की वजह से रोड का किनारा जिस पर नई मिट्टी भरी गई है वह दोनो तरफ की साइड में खतरनाक हो चुका है। सड़क के दोनो साइड पर 25 से 30 फुट गहरी खाई बनी हुई है। गौरतलब हो कि हाल ही में बोदातिकरा पुलिया के दूसरी तरफ बेलगाम रफ्तार और प्रतिबंधित सड़क से भारी व्यवसायिक वाहनों को रोकने के लिहाज से ट्रैफिक पुलिस ने स्थानीय लोगों की मांग पर स्थाई बेरिकेट्स लगवाए थे। इस बेरिकेट्स से गुजरने के लिए वाहन की रफ्तार थोड़ी कम करनी होती है। फिर आसानी से स्कूल बस या छोटे व्यवसायिक वाहन आसानी से गुजर जाते है। बनिस्पत अभी बारिश के मौसम में इस तरह की लापरवाही निःसन्देह जानलेवा हो सकती है। यहां ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि इसी वर्ष 26 जनवरी 2019 की सुबह इस नई बनी सड़क पर तेज रफ्तार बोलेरो सवार ड्राइवर और उसके 4 अलग सहयोगियों ने व्हिली- स्टंट करने के शौक में पुलिया के ऊपर से करीब 70 फ़ीट नीचे अनियंत्रित बोलेरो वाहन को नदी के पथरीले तट पर गिरा दी थी।

यह हादसा इतना भयावह था कि यहां दुर्घटना ग्रस्त बोलेरो जीप तो पूरी तरह से नष्ट हो ही गई थी बल्कि उस पर सवार चालक सहित 3 युवकों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी। जबकि एक अन्य आहत युवक अस्प्ताल पहुँचते तक दम तोड़ चुका था। इधर प्राची बिहार-संस्कार स्कूल रोड पर लगातार ओवरलोड भारी वाहनो के अनाधिकृत रूप से चलने के कारण दूसरी कई छोटी किन्तु जानलेवा दुर्घटनाएं घटित हो चुकी थी। जबकि सड़क की भौतिक स्थिति के अनुसार भारी वाहनों के नियमित आवागमन से बड़े हादसे की संभावनाएं भी बनी हुई थी। इन्हें देखते हुए उपयुक्त स्थान पर बेरिकेट्स लगाए गए थे। परन्तु दूसरी तरफ यह बताया जा रहा है कि बिना नम्बर और फिटनेश वाली लॉयन्स स्कूल बस के लापरवाह नौसिखिए चालक की वजह से पुनः एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जबकि सड़क के साइड की मिट्टी पर फंसी स्कूल बस में उस समय 40/50 बच्चे सवार थे, जिन्हें स्थानीय नागरिकों की सहायता से न केवल बस से बाहर निकाला गया। बल्कि नौसिखिए ड्राइवर को तबीयत से समझाइस भी दी गई।

घटनां के कुछ ही मिनट बाद दूसरी कई स्कूल बस बेरिकेट्स के बीच से नियंत्रित स्पीड पर पार हुई। वही पुछ-ताछ में ड्राइवर ने लोगो को बताया कि वह किसी तरह से 5 से 7 मिनट बचाने के लिहाज से इतना बड़ा खतरा उठा लिया था। समाचार लिखे जाने तक दूसरी स्कूल बस घटनां स्थल से बच्चों को स्कूल ले जा चुकी थी,जबकि पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गई थी।

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