जल जंगल ज़मीन

धरमजयगढ़ : सागरपुर ऐसा गाँव जहाँ हर परिवार का अपना है तालाब

150 परिवार है निवासरत उससे ज्यादा है तालाब सागरपुर में.

चूड़ामणि साहू की रिपोर्ट रायगढ़ @ पत्रिका ,

जल संरक्षण के लिए शासन कई प्रकार से योजना चला रही है , लेकिन इस योजना को आज भी अधिकांश लोग नजरअंदाज करते हैं । इसके विपरीत धरमजयगढ़ विकास खंड से कुछ दूर पर बसे सागरपुर गांव जहां हर परिवार के पास निजी तालाब है । इस तालाब से यहां के लोग जल संरक्षण का संदेश दे रहे हैं । प्रत्येक परिवार के पास तालाब होने का फायदा यह है कि गांव का जल स्तर कभी कम नहीं होता । जिले के शहरी क्षेत्र की बात करें जिला मुख्यालय रायगढ़ में परिसीमन के तहत 22 तालाब हुआ करते थे , लेकिन तालाबों को पाटते हुए कहीं मकान बना लिया गया तो कहीं कार्यालय बना लिया गया । इसके विपरीत करीब सात सौ की आबादी वाला गांव सागरपुर जल संरक्षण की दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है । इस गांव के लोग पूरी तरह से कृषि कार्य पर ही निर्भर हैं । गांव के लोग कृषि कार्य करने के साथ तालाब को प्राथमिकता देते हैं ।

गांव में पहुंचते ही महसूस होता है कूल – कूल

सागरपुर गांव धरमजयगढ़ विकासखंड में आता है और यह गांव हाथी प्रभावित भी है । इसके बाद भी गांव के लोग पूरी मुस्तैदी से फसल की रखवाली करते है । वहीं गांव में भूजल स्तर नीचे नहीं होने के साथ बारह माह खेत फसल से लहलहा रहे होते हैं । इससे गांव पहुंचने के साथ ही ठंडक का एहसास होने लगता है ।

ग्रामीणों के द्वारा किया गया यह प्रयास काफी सराहनीय है । इसे क्षेत्र का जलस्तर भी नहीं घटेगा । अन्य गांव के लोगों को भी इस तरह जागरूक होकर जल संरक्षण की दिशा में प्रयास करना चाहिए |


नंद कुमार चौबे , एसडीएम धरमजयगढ़

गांव में अधिकांश परिवारों के पास तालाब है , इससे जल संरक्षण तो हो रहा है , वहीं गांव में कभी भी जल स्तर घटने की समस्या नहीं आती । इससे खेती का कार्य भी आसानी से होता है । –

सुरज विश्वाल , ग्रामीण

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