सांप्रदायिकता

राजेंद्र नगर चर्च पर हमला : छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम धरना प्रदर्शन, राज्य पाल को ग्यापन एव राष्ट्रीय स्तर पर अनेक समाज,धार्मिक संस्थाओं एव सिविल सोसाइटी के साथ आवाज उठाएगा.

 

 

 

15.07.2018 / रायपुर 

राजेन्द्र नगर रायपुर के चर्च मे शांती पूर्वक प्रथना पिछले 25 वर्षों से चल रही है। आज प्रथना के दौरान अचानक भगवा गम्छा धारियों ने जोर जोर से नारे बाजी शुरू कर दिया, ईसाई धर्म को गन्दी गालियाँ एव आपत्ति जनक भड़काउ नारे लगाने लगे।

चर्च मे आग लगाओ जैसी भाषा बोलते हुवे, बलात प्रवेश करने की कोशिश की, महिलाओं ने रोका। करीब एक हजार की भीड़ मे पुलिस भी साथ आई थी। जो मूक दर्शक बने खड़े रहे। प्राथना बन्द करनी पडी। जिसके बाद पुलिस ने पादरी और महिलाओं को जबरन जीप मे बैठा के थाने ले गयी। आक्रोशित विश्वासी गण भी थाने पीछे पीछे आ गयें।

भगवा अति वादीयो ने, थाने परिसर के अन्दर ही हमारे पादरीगण एव महिलाओं को मारा पीटा। पुलिस के बीच बचाव किया गया। जब की मारा पीटी करने वाले अपने आप को आर एस एस के पदाधिकारि बता रहे थे। पुलिस ने हमारे वरिष्ठ पादरी एव भाजपा विधायक बर्नार्ड के भाई रेव्ह मार्क राड्रिक्स, को धक्का मारते हुवे बाहर निकाल दिया। जिससे समाज आक्रोशित है।

छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल ने आगे बताया, कि एक परेशान महिला चर्च सालो से आती है। उसके पति से भी महिला के तनावपूर्ण रिश्ते है। पति महिला को चर्च आने से रोकता है, महिला नहीं मानती। जिसको वहा के पार्षद राजनैतिक रंग दे रहे है। घरेलू मामले को घर मे सुलह कर लेना था। ना की धर्मांतरण का बाजा बाजाते।

ईसाई समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है। हमारे धर्म मानने के अधिकार से वंचित किया है। षडयंत्र पुर्वक मारा पीटी की गयी है। धर्मांतरण का आरोप लगाना फैशन हो गया है। नक्सल हमला हो, पत्थर गढी हो, पति पत्नी का झगडा हो, सारे दोष धर्मांतरण पर लगा दिया जाता है। धर्मांतरित होना, धर्मांतरण करना, अपने धर्म का प्रचार प्रसार करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। सिर्फ ईसाई समाज को प्रताड़ित किया जाता है। उच्च न्यायालय बिलासपुर ने 12-03-2018, को पुलिस को स्पष्ट निर्देश, धार्मिक अधिकार को सुरक्षित रखने के दिये है। उसके बावजूद हर हफ़्ते रायपुर मे चर्च पर हमले हो रहे है।

छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम धरना प्रदर्शन, राज्य पाल को ग्यापन एव राष्ट्रीय स्तर पर अनेक समाज,धार्मिक संस्थाओं एव सिविल सोसाइटी के साथ आवाज उठाएगा

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