कला साहित्य एवं संस्कृति

मोर्चे पर कवि – मुंबई अपनी तीसरी सालगिरह पर जा पहुंचा है, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर…आज शाम

क्या ज़ुल्मतों के दौर में भी
गीत गाए जाएंगे
हां, ज़ुल्मतों के दौर के ही
गीत गाए जाएंगे...

और मोर्चे पर कवि – मुंबई अपनी तीसरी सालगिरह पर जा पहुंचा है, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर…

इस खास आयोजन में हमारे सहभागी हैं Nukkad Tea Café और हम रायपुर, बिलासपुर के अलावा छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों से आए साथियों की जनवादी कविताएं और संगीत सुनेंगे…

आप रायपुर में हैं, तो चले आइए…हम गीत सुनाते हैं आज़ादी और बराबरी के…आप सब भी तो यही चाहते हैं…।

#मोर्चेपरकवि_3साल

समय शाम 5.30
स्थान , नुक्कड टी कैफे ,जलविहार ,मैरिन ड्राईव . रायपुर
दिनांक , आज 26.12.2018

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