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मुंगेली: SDM साहब को ख़बर पसंद नहीं आई तो पत्रकार को लाठी से पीट दिया, गालियाँ दीं, मामला भी उसी के ख़िलाफ़ लगा दिया

मुंगेली. नगर पंचायत पथरिया के SDM ब्रिजेश सिंह पर आरोप है कि इन्होने इलाके के एक पत्रकार को लाठी से पीटा है और उसे गन्दी गन्दी गालियाँ दी हैं.

अमित कुमार बंजारे जिला मुंगेली के पथरिया क्षेत्र में नईदुनिया अखबार के संवाददाता हैं. अमित ने जिला कलेक्टर से लिखित में शिकायत की है कि पथरिया SDM ब्रिजेश सिंह ने उन्हें लाठी से पीटा है और गालियाँ दी हैं.

आवेदन में अमित ने लिखा है कि 10 अप्रैल की शाम 6 बजे वे अपना काम ख़त्म कर घर लौट रहे थे. तब SDM साहब ने उसे रोका और लॉक डाउन के दौरान घूम रहे हो कहकर पिटाई कर दी. उन्होंने मीडियाकर्मी की गर्दन दबाने की भी कोशिश की.

SDM के भाई के ख़िलाफ़ छापी थी खबर

जानने वाली बात है कि पिछले दिनों पथरिया के अखबारों में छात्रावासों की बदहाली से सम्बंधित ख़बरें प्रकाशित की गई थीं.

SDM ब्रिजेश सिंह का भाई इन्हीं छात्रावासों में से एक का वार्डन है. उनके भाई पर ये आरोप है कि वे ज़्यादातर छात्रावास से अनुपस्थित ही रहते हैं.

SDM साहब रसूखदारों का ख़याल रखते हैं

एक और ख़बर ये छपी थी कि SDM साहब बेजा कब्जा में बने मकानों को तोड़ रहे हैं…खैर ये तो कोई बुरी बात नहीं है. बुरी बात ये है साहब ने कई घरों को बगैर नोटिस दिए ही तोड़ दिया. उस पर और बुरी बात ये कि साहब ने उन्हीं इलाकों में बेजाकब्जा में बने रसूखदार लोगों के घरों को हाथ तक नहीं लगाया है. केवल गरीबों के गारों पर ही बुलडोज़र चलाए गए.

इसके बाद…

इसके बाद मीडियाकर्मी अमित ने सब्ज़ी बाज़ार में भीड़ लगने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न किए जाने की खबर लगाई थी. ऐसा लगता है कि अव्यवस्थाओं को छुपाने के लिए SDM साहब ने खामियां उजागर करने वाले मीडियाकर्मियों को ही टार्गेट करना शुरू कर दिया है. SDM की शिकायत पर मीडियाकर्मी अमित के ख़िलाफ़ धरा 188 के अंतर्गत मामला भी दर्ज कर लिया गया है.

इन सब मामलों पर पथरिया प्रेस क्लब में एसडीएम पथरिया की निंदा करते हुए कलेक्टर मुंगेली को पत्र लिखा है और उनसे न्याय की मांग की है. जिससे ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति दोबारा ना हो सके.

SDM ब्रिजेश सिंह के ख़िलाफ़ मिल रही इन शिकायतों के बावजूद उनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई अबतक नहीं की गई है. इस बाबत हमने मुंगेली कलेक्टर से बात करने की कोशिश की लेकिन फ़ोन पर उनसे संपर्क नहीं हो पाया.

मीडिया का काम ही है अव्यवस्थाओं को उजागर करना, ताकि उन्हें दुरुस्त किया जा सके. लेकिन जब कोई सरकारी अधिकारी खामियां उजागर करने वाले पत्रकार को डंडे से पाटने लग जाए तो फिर क्या ही कहें.   

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