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महिला सुरक्षा का मुद्दा लेकर सड़कों पर उतरीं वर्धा की छात्राएं

देश में बढ़ते गैंगरेप के मामले और महिला सुरक्षा के मद्देनज़र महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा 01 दिसंबर को विरोध प्रदर्शन सह कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। यह कैंडल मार्च कैम्पस के गांधी हिल से शुरू होकर विश्वविद्यालय के गेट तक चला। छात्रों ने शांतिपूर्ण ढंग से कैंडल मार्च कर अपना विरोध दर्ज किया।

कार्यक्रम के अगले क्रम में विश्वविद्यालय के गेट पर मौजूद सभी विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने इस मामले पर अपनी बातें एक सभा का आयोजन करके रखी।

शोधार्थी सुधा ने कहा कि समाज में बदलाव लाने की शुरुआत हम स्वयं से करें एवं हमारी भावी पीढ़ी को एक सुरक्षित समाज प्रदान करें।

विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. चित्रा माली ने अपनी बात रखते हुए कहा कि यह आवश्यक है कि हम अपने बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में बताएं जिससे उनके अंदर गलत के प्रति विरोध करने का जज़्बा आए।

केशव ने पितृसत्ता का विरोध करते हुए समाज व्यवस्था पर प्रहार किया और कहा कि हमें संस्कृति की आड़ में महिलाओं का शोषण होने से रोकना होगा।

छात्रा मीनू, रूपा, मनीषा, अंकिता, चांदनी ने अपने अनुभवों को सबके सामने व्यक्त किया।

इनके अलावा शुभम जायसवाल, अन्वेषण सिंह, पुनेश ने भी अपनी बातें रखी कि यह गुस्सा और आक्रोश जो इस घटना के बाद लोगों में है वो आक्रोश कम नहीं होना चाहिये।
कार्यक्रम की अगुवाई करते हुए कनुप्रिया ने कहा की हम सभी अपने जीवन में महिलाओं को एक वस्तु की जगह एक इंसान के रूप में देखेंगे तभी हम एक बेहतर समाज की कल्पना कर सकेंगे। इस कैंडल मार्च सह प्रतिरोध सभा में बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के विद्यार्थी एवं शोधार्थी मौजूद थे।

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