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महावीर एनर्जी के खिलाफ बड़ी संख्या मे किसान और ग्रमीण रायगढ पहुच कर कलेक्टर और अन्य अधिकारियों का करेंगें घेराव .

रायगढ़ . अभी कुछ दिन पहले ही महाजेको की जनसुनवाई जो 27 जून को होने वाली थी उसे भारी जन दबाव और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश की रौशनी में कलेक्टर रायगढ़ ने स्थगित कर दिया था.अपने आदेश में कलेक्टर ने लिखा था कि एसपी की रिपोर्ट के आधार पर यह सुनवाई स्थगित की जाती हैं.
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ठीक यही स्थिति महावीर इनर्जी के खिलाफ भी बनी हुई है.ग्रामीण बेहद आक्रोश में है .गांव गांव में इसके खिलाफ प्रदर्शन और रैलीयां हो रही हैं. उनकी मांग हैं कि यह जनसुनवाई गैर कानूनी हैं .इसे तुरंत रोका जाये
आज लगभग दो सौ लोग रायगढ रवाना हो रहे है जो वहाँ जाकर कलेक्टर ,पर्यावरण अधिकारी और अन्य जिम्मेदार लोगो का धेराव करेंगे और मांग करेंगे कि दस जुलाई को प्रस्तावित जन सुनवाई निरस्त की जाये.
यह भी ज्ञात हुआ हैं कि कलेक्टर ने पर्यावरण विभाग के मेम्बर सैकेट्री को पत्र भेजा हैं की वे हाईकोर्ट के आदेश के पालन में जनसुनवाई में आयें.क्योंकि कलेक्टर पूर्व की तरह जनसुवाई नहीं कर सकते न स्थान तय कर सकते हैं और न तिथि तय कर सकते हैं.

कल लगभग 2 सौ संख्या ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचकर अलग – अलग 2 सौ ज्ञापन कलेक्टर , एसपी और जिला पर्यावरण अधिकारी सौंपेंगे .

पुराने विवादों से पीछा नहीं छूटा और अब नई जनसुनवाई नवंबर ग्राम भेगारी में 12 मेगावाट बिजली क्षमता उत्पादन लिए महावीर एनर्जी की स्थापना की गई थी । लेकिन भू – अर्जन में व्यापक अनियमितताओं और हथियाने के दर्जनों फर्जीवाड़ों विवाद आज बरकरार कारण है कि पिछले विवादों के निपटारे न हो पाने के बावजूद कंपनी के लिए 5 एमटीपीए की कोलवासरी स्थापित करने के लिए जनसुनवाई आयोजित जा रही है ।

56 . 18 करोड़ लागत से लगेगी कोलवासरी कंपनी प्रबंधन ओर से 56 . 18 करोड़ रुपए खर्च कर इस कोलवासरी को स्थापित किया जाना बताया जा रहा है कि कंपनी की से वर्तमान जो पॉवर संयंत्र स्थापित किया उससे निकलने वाले प्रदूषण से लोगों का मुहाल है । पहले ग्रामीण प्राकृतिक परिवेष में रहते थे । अब कंपनी स्थापित एवं पर्यावर्गीय नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए उत्पादन करने के कारण भैगरी सहित आसपास गांवों आवोहवा में प्रदूषण का जहर घुल गया है । ऐसे में एक बार फिर कोलवासरी की स्थापना की जा रही इसके शोरगुल और वेस्टेज गंदे पानी से आम जनजीवन पर व्यापक असर पड़ेगा .

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