जल जंगल ज़मीन नीतियां

महाजेनको जनसुनवाई मामले में आयोग ने फिर जताई नाराजगी !

रायगढ़ । महाजेनको को आबंटित तमनार स्थित गारे पेलमा सेक्टर कोल ब्लाक में अडानी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं । 2018 आयोजित जन सुनवाई के पहले अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष नंद कुमार साय स्वयं तमनार आये थे । ग्रामीणों मिलने के बाद कलेक्टर कार्यालय में अधिकारियों के साथ मीटिंग कर साफ कर दिया था कि जब तक कुछ अध्ययन रिपोर्ट नहीं आती , जन सुनवाई नहीं होगी । इसके बाद ही 17 अप्रैल 2018 को होने वाली जन सुनवाई स्थगित कर दी गई । कलेक्टर रायगढ ने अपने पत्र दिनांक 04 . 04 2018 द्वारा आदेश दिया था कि जन सुनवाई के पूर्व तमनार ब्लाक में स्वास्थ्य सबंधी अध्ययन रिपोर्ट इंडियन कौंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च से एवं फ्लाई एश पर केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अध्यन करवा कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाये । इसके साथ ही पेयजल की गुणवत्ता पर नीरी रिपोर्ट प्राप्त की जाये ।

नीरी से 14 ग्रामों पेयजल की रिपोर्ट आयोग को मिल चुकी लेकिन बाकी दो रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं होने बावजूद जन सुनवाई आयोजित करने पर नाराजगी जाहिर करते हुये जवाब तलब किया है । लगता है , जब तक रिपोर्ट आयोग नहीं मिल जाती , जन सुनवाई होना मुश्किल है । केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय , मुख्य सचिव छ . शासन , पर्यावरण संरक्षण मंडल एवं कलेक्टर रायगढ़ को प्रेषित आयोग के पत्र प्रतिलिपि जन चेतना सदस्य रमेश अग्रवाल को भी प्रेषित की गई है । रमेश अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने 1 जून 2019 ही आयोग को पत्र लिखकर अध्ययन रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने के बावजूद प्रशासन द्वारा जन सुनवाई आयोजित करने पर आयोग ध्यान आकर्षित किया था ।**

Related posts

झूठे आरोपों में जेल निरुद्ध सुधा भारद्वाज की रिहाई हेतु धरना प्रदर्शन कर, छत्तीसगढ़ सरकार से हस्तक्षेप की मांग . छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन .

News Desk

रायगढ के बरमकेला में सूख चुका है 98 प्रतिशत से अधिक भूमिगत जल : सारंगढ़ में भी पानी की समस्या को लेकर लोग परेशान .

News Desk

आंसुओं की घाटीमें नक्श उभारते मार्क्स. बादल सरोज

News Desk