कला साहित्य एवं संस्कृति कविताएँ

मसाला चाय 1 . पुनीत शर्मा की कविता “अगस्त में तो बच्चे मरते ही हैं ” का पाठ अनुज से .

अनुज श्रीवास्तव ने मुबंई में.मसाला चाय की श्रंखला प्रारंभ की थी जिसमें वे देश के लब्धप्रतिष्ठित साहित्यकार ,कवि और लेखकों की कहानी, कविता का पाठ करते है.यह श्रंखला बहुत लोकप्रिय हुई ,करीब 50,60 एपीसोड. जारी किये गये. सीजीबास्केट और यूट्यूब चैनल पर क्रमशः जारी करने की योजना हैं. हमें भरोसा है कि अनुज की लयबद्धत आवाज़ में आपको अपने प्रिय लेखकों की कहानी कविताएं जरूर पसंद आयेंगी.

तो प्रसुत हैं इसका पहला अंक

मुजफ्फरपुर में इन्सेफ़्लाइटिस से बच्चों की मौत हो रही है, इससे पहले गोरखपुर में भी ऐसा हादसा हो चुका है. कवि व गीतकार पुनीत शर्मा की ये कविता “अगस्त में तो बच्चे मरते ही हैं” इसी विषय से जुड़ी ख़ामियों, बेबसी और दर्द की बात करती है. पुनीत शर्मा मुंबई में रहते हैं और संजू जैसी बड़ी फिल्मों में गीत लिख चुके हैं.  

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