आंदोलन मजदूर वंचित समूह

मजदूरों का शक्ति प्रदर्शन, कहा जेपी सिमेंट से निकाले मजदूरों को वापस नहीं रखा तो करेंगे गेटजाम

भिलाई : रविवार 22 सितम्बर को भिलाई सेक्टर-2 के शक्ति सदन कार्यालय में मजदूरों की बैठक हुई. बैठक में मजदूरों के वास्विक हालातों पर चर्चा की गई.

कुछ समय पहले जेपी सिमेंट फैक्ट्री से बहुत से मजदूरों को काम से निकाल दिया गया था. रविवार की बैठक में निर्णय लिया गया कि जेपी सीमेन्ट, निकाले गए मजदूरों जल्द ही काम पर वापस नहीं रखता है तो एसीसी होलसिम (acc holcim) और जेपी सीमेन्ट (jp cement) फैक्ट्री पर गेटजाम प्रदर्शन किया जाएगा.

बीएसपी(bhilai steel plant) ठेका मजदूरों ने चर्चा के दौरान बताया कि फैक्ट्री के अंदर हो रहे शोषण के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने पर तरह तरह से प्रताड़ित किया जाता है यहां तक कि मजदूरों के गेटपास छीन कर उन्हें काम से निकाल दिया जाता है. ग़रीब कामगार मजबूरी में सारा शोषण सहता रहता है. मजदूर नेता कलादास डहरिया ने कहा कि इन्ही कारणों से मजदूर अपने हक़ के लिए आवाज़ नहीं उठा पाते. बैठक में चर्चा हुई कि अब संगठित होकर आवाज़ उठाने की ज़रुरत है.

बैठक में मौजूद मजदूरों ने कहा कि ठेका मजदूरों को आजतक कभी भी बोनस नहीं दिया गया है. यहां तक कि दिवाली में भी एक पैसे का भी बोनस नहीं दिया जाता और फैक्ट्री की फाइलों में सभी ठेका मजदूरों को बोनस दे दिए जाने कि फ़र्ज़ी एंट्री कर दी जाती है.

जीवन में इतनी कठिनाई और आभावों से जूझते ये ठेका मजदूर समाज के साधन संपन्न लोगों से अधिक सामजिक परिस्थितयों के प्रति जागरूक नज़र आए, ऐसा इसलिए कि बैठक में इन मजदूरों ने अपनी समस्याओं के अलावा देश की अन्य गंभीर समस्याओं पर भी चर्चा की.

बैठक में बस्तर के आदिवासियों के लिए आवाज उठाने वाली मानव अधिकार कार्यकर्ता बेला भाठीया, (Bela Bhatia)सोनी सोरीव (Soni Sori)अन्य ग्रामीणों के ख़िलाफ़ हुई FIR का विरोध किया गया. काश्मीर की लोगों को स्वास्थ्य व शिक्षा सुविधाएं तत्काल मुहैया कराए जाने और कर्फ्यू हटाने की मांग की गई. NRC प्रक्रिया में हो रही गड़बड़ियों पर बात करते हुए मजदूरों ने कहा कि वे लाखों मजदूर जो कई दशकों से असम में रह कर काम कर रहे हैं, देश के विकास में उनका भी योगदान है देशसेवा में ए भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं. उनके बच्चे पढ़-लिख कर डॉक्टर इंजीनियर बन रहे हैं, फ़ौज में जा रहे हैं. उन्हें नागरिकता के लिस्ट में न रखकर यातना गृह में रखने का षड्यन्त्र उनके साथ अन्याय है लोकतांत्रिक व्यवहार के विपरीत भी.

बैठक में ये भी कहा गया कि शहीद शंकर गुहा नियोगी (Shankar Guha Niyogi)के शहादत दिवस व शहीद भगत सिंह (Bhagat Singh) के जयन्ती कार्यक्रम में 28 सितम्बर की सुबह हज़ारों श्रमिक दल्लीराजहरा जाएंगे. श्रम कानून में बदलाव के ख़िलाफ़ और सुधाभरद्वाज की रिहाई के लिए आवाज बुलंद करेंगे.

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