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भोरमदेवः अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने पर विभाग को चार सप्ताह में जवाब के निर्देश : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट .

बिलासपुर भोरमदेव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व क्षेत्र घोषित किए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने वन विभाग को विस्तृत जवाब पेश करने के लिए चार सप्ताह की मोहलत भोरमदेव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व क्षेत्र घोषित किए जाने को लेकर रायपुर के नितिन सिंघवी ने जनहित याचिका लगाई है .

याचिका में आंकड़े व रिपोर्ट पेश कर बताया गया है कि वषौं से इस क्षेत्र का इस्तेमाल वन्य जीव विशेषकर बाघ अपने आने – जाने व रहवास के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं । ये एक सुरक्षित कारिडोर है , जिससे महाराष्ट्र व आंध्रप्रदेश के टागर उन्मुक्त विचरण करते रहते हैं । बाघों की लगातार आवाजाही को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र को टाइगर रिजर्व घोषित किया जाए मंगलवार को सीजे पीआर रामचंद्र मेनन की युगलपीठ में मामले की सुनवाई के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही वाइल्डलाइफ के अधिकारियों की बैठक होने वाली है । उक्त बैठक में इस टाइगर रिजर्व के संबंध में निर्धारण किया जाएगा । इस पर युगलपीठ ने चार सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है ।

पत्रिका न्यूज

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