राजनीति

भूपेश ने सीडी लहराई… बांटी या दिखाई ?

25.09.2018

रायपुर / भूपेश के जेल जाने के कई घंटे बाद प्रदेश के मुखिया को होश आया कि अब कुछ बोलना
चाहिए। सलाहकारों से सलाह लेकर जो कुछ उन्होंने बोला वह यह है कि भूपेश ने सीडी दिखाकर, सीडी बांटकर छत्तीसगढ़ का अपमान किया है।

अब मुखिया के इस बयान का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि भूपेश ने न तो सीडी बांटी थी और न ही अपने घर में प्रोजेक्टर लगाकर उसका प्रदर्शन किया था।
पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के बाद भूपेश ने अपने घर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और सीडी लहराते हुए कहा था कि एक सीडी उनके पास भी हैं।

सीडी को दिखाने का काम तो चैनल वालों ने किया था। कुछ चैनल तो दो-चार घंटे इस खबर को दिखाकर शांत हो गए लेकिन एक चैनल ने तो सारी हदें पार कर दी थीं। इस चैनल ने न केवल भूपेश बघेल द्वारा लहराई गई सीडी का प्रदर्शन किया बल्कि सीडी नकली है यह बताने के लिए रात- दिन पोर्न सीडी का प्रसारण किया था। कई दिन तक टीवी पर यह चलता रहा है कि चादर देखिए…. पलंग देखिए…. अब लड़की के बाल देखिए… स्कार्फ देखिए….. वगैरह- वगैरह।

जो रात दिन पोर्न परोसता रहा ( वैसे इस पोर्न से भी पहले भी यह चैनल रात को एक शक्तिवर्धक दवाई का विज्ञापन चलाता रहा है।)

…. तो जिसने रात- दिन पोर्न परोसा वह सीबीआई का गवाह है और जिसने सीडी को लहराया वह जेल में हैं। मजे की बात यह है कि सीडी कांड का मुख्य आरोपी तो भाजपा का नेता मुरारका ही है। यानी सीडी को बनाने वाला भाजपाई ही था। मतलब यह साफ है कि सीडी के निर्माण में भी बघेल की भूमिका नहीं थीं।

मुखिया ने अपने बयान में भूपेश के सत्याग्रह किए जाने पर मजाक उड़ाया है। कहा कि वे कौन सा नमक आंदोलन कर रहे हैं। भाजपा के दो अन्य नेताओं ने भी बघेल को ड्रामेबाज कहा है।

इनसे से नए बयान की उम्मीद नहीं थीं। हकीकत यह कि सरकार का प्लान था कि जैसे ही बघेल जमानत लेंगे उन्हें यह कहकर बदनाम किया जाएगा कि देखो- सीडी कांड का आरोपी बेल लेकर घूम रहा है। सरकार जेल-वेल का खेल करते हुए बघेल और कांग्रेस को डराना भी चाहती थीं लेकिन बघेल ने सरकार के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

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