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बैलाडीला पहाड़ बचाने के लिये आदिवासीयों का आंदोलन पांचवें दिन भी पूरे जोश के साथ जारी मिल रहा है हर वर्ग का सक्रिय समर्थन. एक को चुनिये आदिवासी या अदानी.

आंदोलन अखबारों की नज़र में आज , विभिन्न न्यूज एजेंसी

किरंदुल – बचेली शहर के लोग स्वेच्छा से मदद के लिए आ रहे आगे , मुस्लिम समाज करवा रहा लंगर . सोने की जगह , ना खाने को अनाज फिर भी आदिवासियों का जोश बरकरार , चौथे दिन मदद के लिए बढ़े कई हाथ. आदिवासियों के लिए सर्व समाज एकजुट ,चावल,दाल और सब्जी बांटी. सोने – खाने की उचित व्यवस्था नहीं होने की वजह से चार दिन में बिगड़ी 172 आदिवासियों की तबीयत ..वन मंत्री बोले उनकी सरकार ने नही दी है बैलाडीला में खनन की सहमति..सरकार और विपक्ष एक – दूसरे पर लगा रहा आदिवासियों के अहित करने का आरोप . पेड़ काटने कोई अनुमति नहीं दी – मोहम्मद अकबर…बचेली कॉम्प्लेक्स के कर्मचारी भी आदिवासी हक की लड़ेंगे लड़ाई .

पत्रिका / जगदलपुर / किरंदुल / दंतेवाड़ा . बैलाडीला की डिपॉजिट 13 को लेकर आदिवासियों का आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा । चार दिन से चल रहे इस आंदोलन में शामिल होने 200 गांवों के हजारों ग्रामीण इस वक्त बैलाडीला में डटे हुए हैं । डिपॉजिट 13 यानी नंदराज पर्वत को पूजते हैं । यहां से उनकी आस्था जुड़ी है और वे यहां किसी भी कीमत पर खनन नहीं होने देने की बात कह रहे हैं । इस बीच आंदोलन में शामिल लोगों के बीच पत्रिका की टीम पहुंची तो पाया कि आदिवासी यहां मुश्किल हालात में भी डटे हुए हैं ।

आदिवासियों के लिए यहां ना तो सोने के लिए पर्याप्त जगह है और ना ही खाने के लिए पर्याप्त अनाज । आदिवासी जिस तैयारी के साथ आए हैं वह अब यहां नाकाफी साबित हो रही सामूहिक सहयोग से चार दिन से भोजन पकाया जा रहाथा लेकिन सोमवार को राशन की कमी की बात सामने आई । इसके बाद शहर के कुछ सामाजिक संगठनों ने आदिवासियों की मदद के लिए हाथ बढ़ाए ।

मुस्लिम समाज ने धरना स्थल पर सोमवार को लंगर की शुरुआत की.

गौरतलब है कि चार दिन से चल रहे इस आंदोलन के दौरान 172 आदिवासी बीमार हो चुके हैं । उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है , इसके पीछे की प्रमुख वजह खान – पान और नींद की कमी है ।

आदिवासियों के लिए सर्व समाज एकजुट ,चावल,दाल और सब्जी बांटी

आदिवासियों की आस्था और आंदोलन को अब दंतेवाड़ा जिले के सर्व समाज का समर्थन मिलने लगा है । आदिवासियों की मदद के लिए योजना बननी लगी है । शुरुआत बचेली के मुस्लिम सुन्नी जमात ने सोमवार को की । जमात के लोगों ने आदिवासियों के लिए दो क्विंटल चावल 50 किलो दाल और एप वल सब्जी पकाकर आदिवासियों के रात के भोजन की व्यवस्था की । सदर बहाउद्दीन अहमद ताजी , मोहम्मद मुस्ताक ने कहा कि हर मनच मानवता की सीख देता है । यहां आदिवासियों की आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है । हम उनके साथ हैं , और हर संभव मदद करेंगे । अडानी के मंसूबों को पूरा होने नहीं देंगे । इसी तरह अन्य समाज और संगठनों की तरफ से आदिवासियों को समर्थन मिल रहा है । हर कोई कह रहा है यह हमारा आंदोलन हैं इसको कमजोर पड़ने नहीं दिया जागा ।

वन मंत्री बोले उनकी सरकार ने नही दी है बैलाडीला में खनन की सहमति.

सरकार और विपक्ष एक – दूसरे पर लगा रहा आदिवासियों के अहित करने का आरोप

रायपुर . लौह अयस्क के सबसे बड़े भंडार बैलाडीला के पहाड़ों में स्थित डिपॉजिट 13 में अडानी समूह को खनन की अनुमति पर राजनीति गरमा गई है । वन एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार ने बैलाडीला खनन को लेकर कोई सहमति नहीं है । उन्होंने बताया , यह सहमति पर्यावरण संरक्षण मंडल ने थी , जो केंद्रीय जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण कानून के तहत गठित स्वायत्तशासी संस्था है । इसकी बैठकों में मंत्री शामिल नहीं होते । उन्होंने कहा , पर्यावरण संरक्षण मंडल ने बताया है कि पिछले माह अप्रेल में संचालक मंडल ने वहां खनन की सहमति दी है । लेकिन यह राष्ट्रीय खनिज विकास निगम और छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के संयुक्त उपक्रम के लिए था .

भाजपा और उसके सहयोगी की साजिश .

कांग्रेस ने बैलाडिला खनन विवाद को भाजपा और उसके सहयोगी दल की साजिश बताया है । प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा , दस्तावेजी सबूतों से बैलाडिला की डिपॉजिट 13 के आवंटन में भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और पूर्ववर्ती रमन सिंह | | सरकार की भूमिका स्पष्ट हो जाने के बाद भाजपा और उनके सहयोगी कांग्रेस सरकार पर आरोप लगा रहे हैं । अब डिपॉजिट 13 में पेड़ काटने का । आरोप लगा है । त्रिवेदी ने 11 जनवरी 2018 को प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय से जारी एक पत्र की प्रति दिखाते हुए दावा किया कि 25 हजार पेड़ों काटने की अनुमति पिछली सरकार के समय दी गई थी ।

पेड़ काटने कोई अनुमति नहीं दी

मोहम्मद अकबर ने पेड़ काटने की अनुमति के आरोपों से भी पल्ला झाड़ लिया । उन्होंने कहा , उनकी ओर से पेड़ काटने की कोई अनुमति नहीं दी गई है । उन्होंने कहा , पर्यावरण विभाग से उनके पास कोई फाइल ही नहीं आई है । इस मामले में कांग्रेस की सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है । मोहम्मद अकबर ने कहा , बैलाडिला पहाड़ी पर पेड़ काटने की अनुमति पूर्ववर्ती सरकार ने दिया था । इस मामले में उन्होंने जानकारी मंगाई है । जानकारी सामने आने के बाद कार्यवाही होगी । उन्होंने एक आदेश की कॉपी दिखाते हुए संवाददाताओं से कहा , वहा पेड़ काटने की अनुमति रमन सिंह सरकार ने जनवरी 2018 में दी थी .

बचेली कॉम्प्लेक्स के कर्मचारी भी आदिवासी हक की लड़ेंगे लड़ाई

बचेली . नईदुनिया न्यूज

डिपाजिट 13 में उत्खनन का विरोध कर रहे आदिवासियों की लड़ाई में एनएमडीसी किरंदुल के बाद बचेली काम्प्लेक्स के कर्मचारी भी शामिल हो गए । सोमवार दोनों मजदूर संगठन के बैनर तले कर्मचारी आदिवासी हक के लिए अडानी के विरोध में उतर गए है ।

कर्मचारियों ने अधिशासी निदेशक को ज्ञापन सौंपा है । इस ज्ञापन में साफ लिखा है कि 60 साल का अनुभव एनएमडीसी को है , इसके बाद भी निजी हाथों को कमान सौंप दी गई । इस कारनामे में एनएमडीसी का भी बड़ा रोल है । ज्ञापन देने से पहले कर्मचारियों ने रैली भी निकाली है । ज्ञात हो कि बचेली के मजदूर संगठन ने पहले ही बैठक कर लो डाउन प्रोडक्शन का निर्णय ले लिया है ।

यदि अब विरोध पर हड़ताल पर चले गए तो बचेली में भी काम ठप हो जाएगा । वैसे सांसद दीपक बैज मंगलवार को रायपुर में सीएम भूपेश बघेल से मिलकर इस समस्या के समाधान के लिए चर्चा करने की बात कही है । चर्चा में सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन और तेज हो जाएगा । आशंका जताई जा रही है । कि मामला जल्द नहीं सुलझा तो बचेली परियोजना के कर्मचारी भी उत्पादन ठप कर सकते हैं ।

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