आदिवासी राजकीय हिंसा

बुरकापाल से चालीस पुरुषों को पुलिस और सुरक्षा बल वाले छह जून को पकड के ले गए.- सोनी सोरी

* आदिवासी महिलाओं और छोटी बच्चियों को भी सिपाही पीट रहे हैं, इन सिपाहियों का कहना है कि हम तुम्हारा गांव उजाड़ेंगे, सिपाही गांव की महिलाओं से कह रहे हैं कि तुम लोग गाँव खाली करके भाग
जाओ.
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बुराकपाल से करीब बीस महिलाएं और बच्चे दंतेवाड़ा आये हुए हैं,उनका कहना है की हमारे परिवारों के चालीस पुरुषों को पुलिस और सुरक्षा बल वाले छह जून को पकड के ले गए, इन आदिवासियों से फ़ोर्स वालों ने दिन भर फ्री में सीआरपीएफ कैम्प में काम करवाया और फिर अगले दिन सुकमा शहर लेकर चले गए.
इन आदिवासियों से फ़ोर्स वालों ने दिन भर फ्री में सीआरपीएफ कैम्प में काम करवाया और फिर अगले दिन सुकमा शहर लेकर चले गए,
अब पुलिस वाले और सीआरपीएफ वाले गांव की महिलाओं को जंगल में से तेंदू पत्ता और महुआ का बीज, टोरा भी नहीं बीनने दे रहे हैं,
आदिवासी महिलाओं और छोटी बच्चियों को भी सिपाही पीट रहे हैं, इन सिपाहियों का कहना है कि हम तुम्हारा गांव उजाड़ेंगे, सिपाही गांव की महिलाओं से कह रहे हैं कि तुम लोग गाँव खाली करके भाग
जाओ.
चित्र में बुरकपाल से आयी हुई महिलाओं का चित्र है उनके साथ सोनी सोरी भी मौजूद हैं,
दूसरे चित्र में उन आदिवासियों के नाम है जिन्हें फ़ोर्स वाले छह जून को पकड़ कर ले गए हैं,
इनमें सात स्कूली बच्चे भी शामिल हैं,

हिमांशु कुमार की सुचना के आधार पर

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