आदिवासी मानव अधिकार राजकीय हिंसा

बीजापुर में 8 वीं के एक आदिवासी छात्र ने पुलिस पर बेरहमी से मारपीट का गंभीर आरोप लगाया . ग्रामीणों ने कलेक्टर से मिलकर कार्यवाही की मांग.

पुष्पा रोकड़े की रिपोर्ट बीजापुर से


बीजापुर:– नक्सलियों के नाम पर गस्त के दौरान जवानों द्वारा ग्रामीणों के साथ मारपीट के कई मामले आये दिन शुर्खियो में रहते है,परन्तु इस बार बीजापुर में 8 वीं के एक आदिवासी छात्र ने पुलिस पर बेरहमी से मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है जिसको लेकर आज दर्जन भर से भी ज्यादा आदिवासी छात्र और ग्रामीण जवानों के खिलाफ कलेक्टर से शिकायत करने जिला मुख्यालय पहुंचे थे,ग्रामीणों ने एसडीएम से इस मामले की शिकायत कर आरोपी जवानों पर कार्यवाही करने की मांग की है वंही दूसरी ओर इस मामले में पीड़ित छात्र से मिलकर पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा ने इस मामले की मानवाधिकार आयोग से शिकायत करने की बात कही है।


शनिवार को गंगालूर थाना क्षेत्र के पालनार से ट्रेक्टर में सवार होकर करीब 30 से 40 ग्रामीण और छात्र पुलिस जवानों के खिलाफ मारपीट संबंधी शिकायत करने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे,इस दौरान पालनार निवासी 15 वर्षीय कमलेश हेमला पिता बदरू ने बताया कि वह बीजापुर डीएवी स्कूल में 8 का छात्र है गर्मियों के छुट्टी में वह घर गया हुआ था इसी बीच 20 जून को शुरक्षाबल के जवानों ने रात को करीब 2 बजे उनके गांव को चारों तरफ से घेर लिया था इसी बीच सुबह वह करीब 5 बजे शौच के लिए निकला था तभी जवानों ने उसे पकड़ लिया और नक्सलियों का पता पूछने लगे तो उसने खुद को छात्र बताते हुए उसे नक्सलियों की कोई जानकारी नही होने की बात कही तो जवानों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट किया और वही छोड़कर चले गए,पिटाई के कारण उसे तुरंत बुखार आ गया और खून की उल्टियां भी होने लगी कमलेश का कहना है कि इसके पहले भी जवानों ने उसके साथ दो बार मारपीट किया था परंतु इस बार बहुत ज्यादा मारपीट की गयी जिसके कारण कलेक्टर से शिकायत करने बीजापुर पहुंचे है ग्रामीणों और छात्रों का कहना है कि अगर जवानों पर कोई कार्यवाही नही की जाती है तो उनके द्वारा इस मामले में आंदोलन किया जाएगा।वंही इस मामले में पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा अधिकारियों से कहा है कि छात्र का पूरा इलाज करवाने के बाद ही उसे वापस गांव भेजा जाए।

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