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बिलासपुर : शव को वेंटिलेटर में रखकर तीन दिन तक इलाज.: अपोलो अस्पताल प्रबंधन का कारनामा , दुष्कर्म पीड़ित मासूम के परिजन ने लगाए आरोप.

बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि.

26.04.2019

दुष्कर्म पीड़ित पांच वर्षीय मासूम बच्ची को अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान कराने मौत हो गई । पिछले पांच दिन से मासूम बच्ची उपचार के लिए भर्ती थी । परिजन का आरोप है कि तीन दिन पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी । फिर भी अपोलो अस्पताल के डॉक्टर वेंटिलेटर पर शव को रखकर इलाज करते रहे । मामले में  सरकंडा पुलिस जांच कर रही है ।

कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ क्षेत्र निवासी पांच वर्षीय बच्ची बीते 20 अप्रैल की सुबह घर में अपने छोटे भाई के साथ खेल रही थी । उसके माता – पिता मजदूरी करने गए थे । इसी दौरान राहुल मानिकपुरी ( 19 ) घर आया । मासूम को देखकर उसकी नीयत बिगड़ गई । उसने छोटे भाई को स्प्रेय लेकर गुटखा लाने भेज दिया। इस बीच वह बच्ची को घर के
अंदर कमरे में ले गया । इस दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया । छोटे भाई वापस आया तब कमरे का दरवाजा बंद था ।आरोपित राहुल ने दरवाजा खोला तब उसकी बहन गंभीर हालत में बिस्तर में पड़ी थी । उसकी तबीयत बिगड़ते देखकर खुद आरोपित उसे अस्पताल में ले जाकर भर्ती कर दिया । इस घटना की सूचना पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया । इधर बच्ची की हालत बिगड़ते देख डॉक्टर ने उसे अपोलो अस्पताल रिफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अपोलो में दो दिन तक बच्ची का इलाज चला , तब तक वह ठीक थी । तीसरे दिन से उसकी स्थिति खराब हो गई । इस दौरान उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था । इस बीच डॉक्टरों ने उन्हें बच्ची से मिलने नहीं दिया । पीड़िता की मां का आरोप है कि तीन दिन पहले बच्ची की सांसें थम गई थी । फिर भी डॉक्टर उसकी धड़कन चलने की बात कहकर उसे वेंटिलेटर पर रखे थे । गुस्वार तड़के करीब चार बजे डॉक्टर ने उन्हें बच्ची की मौत की खबर दी । फिर आपोलो प्रबंधन ने सरकंडा पुलिस को घटना की सूचना दी । सिम्स में शव का पोस्टमार्टम कराया गया पुलिस इस मामले में मर्ग कायम कर जांच कर रही है

पीएम के लिए इंतजार करते रहे परिजन

सरकंडा पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए सिम्स लेकर गई ।इस बीच परिजन सुबह से ही मरच्युरी में बैठे रहे ।
लेकिन इस बीच पोस्टमार्टम करने के लिए बीच कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा । इसके चलते उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा ।

दांत से काटकर किया था जख्मी

आरोपित पर हैवानियत सवार हो गया था । यही वजह है कि उसने मासूम को हवस का शिकार बनाया । यही नहीं उसने बच्ची के शरीर को दांत से काट दिया था , जिसके कारण वह जख्मी हो गई थी।

प्रबंधन सफाई देने में जुटा

इस मामले में अपोलो प्रबंधन की तरफ से जनसंपर्क अधिकारी देवेश गोपाल ने सफाई देते हुए कहा कि दुष्कर्म पीडित बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई है । शव को वेंटिलेटर पर रखने का आरोप गलत है । परिजनों से इलाज का पैसे भी नहीं लिया गया है ।

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