महिला सम्बन्धी मुद्दे मानव अधिकार हिंसा

बिलासपुर : मनोरोग चिकित्सक के खिलाफ उसी विभाग में कार्यरत महिला डाक्टर ने लगाये गंभीर यौन प्रताड़ना के आरोप. पुलिस और अन्य अधिकारियों को भेजी शिकायत.

बिलासपुर : प्रियंका शुक्ला की रिपोर्ट .

राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी बिलासपुर (छ:ग) में पदस्थ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ.बी.के. बनर्जी के खिलाफ उसी विभाग में पदस्थ युवती ने गंभीर यौन प्रताड़ना के आरोप लगाये हैं. सीजीबास्केट को उन्होंने अपनी आप बीती बताई कि किस प्रकार डा. बी के बनर्जी लगातार उन्हें अश्लीलता और मानसिक प्रताड़ना दे रहे हैं. युवती ने सिलसिले वार अपने साथ हुई घटनाओं का विवरण दिया और इसकी शिकायत लिखित में युवती ने पत्र दिशाओं 18.06.2019 में
अधीक्षक , राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी ,महिला आयोग रायपुर ,अनुविभागीय दंडाधिकारी बिलासपुर ,संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं बिलासपुर ,पुलिस अधीक्षक बिलासपुर ,महिला सेल बिलासपुर को भेजा हैं.
युवती ने डा. बनर्जी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने और दंडात्मक कार्यवाही की मांग की हैं.

चिकित्सा अधीक्षक ने महिला उत्पीड़न समिति के अध्यक्ष डा. जे.एस. लकडा को जांच के लिये नियुक्त किया है तथा डा. बीके बनर्जी से आरोप पर जबाब मांग है.

एक अन्य महिला ने भी डा. बनर्जी के संबंध में लिखा है कि उसके साथ भी दुर्वव्यवहार किया गया था.

युवती द्वारा लगाये गये आरोप और तथ्य निम्न हैं जो उन्होंने शिकायत पत्र में लिखे हैं.

डॉ.बी.के. बनर्जी फरवरी 2019 में राज्य मानसिक चिकित्सालय में मनोरोग विशेषज्ञ बनकर आये । फरवरी माह 2019 से लेकर दिनांक 23/06/19 तक मेरे चरित्र को लेकर एवं परिवार की प्रतिष्ठा को लेकर बार – बार अपमानित एवं प्रताड़ित करते रहे।

1) पहली बार बातचीत जब वे डॉ. श्रीवास्तव सर के कक्ष में बैठते थे, तब से शुरू हुआ . डॉ. बी.के.बनर्जी ने कहा ” मैं तुमको पाना चाहता हूँ। ” मुझे समझ नही आया , मैंने कहा क्या पाना चाहते है। तब डॉ. बनर्जी ने कहा ” जैसे तुम नन्दा के साथ रहती हो, श्रीवास्तव के साथ रहती हो , वैसे मेरे साथ रहो। मैने कहा आप मुझसे ऐसी बात मत करिये । मैं सर को बता दूँगी ऋ और मैं वहाँ से उठकर डॉ.तिवारी सर के कक्ष में चली गयी।

2) उसके बाद कुछ दिनों तक चुप रहे। फिर मुझसे डॉ. बनर्जी ने कहा – ” मैं तुम्हारे चरित्र को जानता हूँ । तुम डॉ.नन्दा की चापलूस हो, डॉ.श्रीवास्तव की रखेल हो । डॉ.तिवारी की याराना हो , तिवारी को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजती हो, केदार तुम्हारे आगे पीछे घूमता है। तुम जहाँ बैठती हो वही केदार क्यों बैठता है । हास्प के सभी लड़को के साथ घूमती हो । नन्दा तुमको ही क्यों हर जगह भेजता है ।

स्पर्श क्लिनिक का काम तुम ही क्योँ करती हो , हर एक्टविटी में तुमको ही क्यों शामिल करता है । तुम हास्पीटल की महारानी हो क्या।
बार-बार मेरे चरित्र को लेकर कहते रहे , की मैं डॉ.नंदा के साथ सोती हूँ, डॉ.श्रीवास्तव के साथ सोती हूँ। डॉ.तिवारी के साथ बाहर कैम्प में जाती हूँ।

डॉ. श्रीवास्तव सर और तिवारी सर के कक्ष में ड्यूटी करने पर डॉ.बनर्जी कहते थे “के अपने यारों के कक्ष में ही क्योँ बैठती हो , मेरे कक्ष में क्योँ नही बैठती हो , तुम वैश्या हो.

मैंने बार-बार उनसे अनुरोध किया की वे मेरे वरिष्ठ है. डॉ नंदा सर मेरे पिता समान है . डॉ.श्रीवास्तव सर और डॉ. तिवारी सर से मेरा कोई सम्बन्ध नही हैं। आप(डॉ.बनर्जी)मेरे वरिष्ठ है । मुझे इस तरह कहकर अपमानित और प्रताड़ित ना करें। फिर भी वे नही माने ।

3) दिनांक 15/4/19 के आसपास डॉ. बनर्जी हास्पिटल के काम से बहाना बना कर बुरा नीयत के साथ पुनः डॉट फटकार करने लगा और मेरी शिकायत आप (डॉ.नंदा सर जी) के पास करने गये। और जब मैं आपको डॉ. बनर्जी के बुरा नियत के बारे में बतायी तो पुनः डॉ.बनर्जी ने धमकी दिया और मुझको कहा
“मेरी शिकायत अधीक्षक से करती हो , तुमको मैं देख लूँगा। तेरा नंदा मेरा क्या कर लेगा । उक्त घटना को जब मैं अपने पिता को बतायी तो मेरे पिताजी बिलासपुर आये ,और ये मामला शांत हो जाये करके मुझे सप्ताह भर के लिये रायपुर लेकर चले गये थे।

4) रायपुर से आने के पश्चात में हास्पिटल जाने लगी ,और मैं डॉ. श्रीवास्तव सर के कक्ष में ड्यूटी करने लगी .

दिनांक 29/5/19 को डॉ. बनर्जी मेरा पीछा करते हुये मेरे घर तक आ गये और डॉ.श्रीवास्तव सर का नाम लेकर अपशब्द कहने लगे । बुरा नियत से मेरा हाथ पकड़कर मेरे मोबाइल को छीनकर फेंक दिया , मेरे साथ बदसलूकी किया ,मैं चिल्लाई और पुलिस थाने में रिपोर्ट करने की बात कही तब भागा ।

इस बात को मैने अधीक्षक महोदय को बताया बताया तब हॉस्पिटल की बदनामी होगी , ऐसा कहकर मुझे शिकायत करने से मना कर दिया ।

5) उसके पश्चात दिनांक 13/6/19 को पुनः हास्पीटल में चारित्रिक लाछन लगाकर मुझे और मेरे परिवार के बारे में डॉ.बनर्जी अपशब्द कहने लगे । क्योंकि मेरी ड्यूटी उसी के कक्ष में थी । इसीलिए मैं चुपचाप सहन करती रही। परन्तु डॉ.बनर्जी मुझे लगातार कॉमेंट पास करते रहे। इस बात को मैंने तुरँत अपने पिताजी को फोन करके बताया।

डॉ. बनर्जी का उक्त कृत्य आपराधिक प्रवित्ति का है और बुरा नियत के साथ मुझे प्रताड़ित करते चला आ रहा है .
कार्यवाही न होने से हौसला बुलंद हो गया है।

पत्र लिखकर और सीजीबास्केट से बात करके दंडात्मक कार्यवाही की मांग की हैं. अभी वह मेडिकल लीव पर हैं.

{ सीजीबास्केट पत्र में लिखे गये और वीडियो में बोले गये आरोपो की पुष्टि नहीं करता. युवती द्वारा जो लिखा और बोला गया उसके अनुसार रिपोर्ट बनाई गई हैं.}

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