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बिलासपुर :बाल संप्रेक्षण केन्द्र में आते ही नाबालिग ने क्यों लगाई फांसी .उठ रहे है कई सवाल.

उठ रहे सवालः प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप , रोते हुए पिता ने कहा करते देखभाल तो वो जिंदा होता

7 दिन तक केंद्रीय जेल में ठीक – ठाक था , बाल संप्रेक्षण । गृह आते ही चंद घंटे में किशोर ने लगा ली फांसी , मौत

3 घंटे बाद पुलिस , 4 घंटे के बाद परिजनों को दी सूचना

शाम को ही हो गई थी मौत .शव को चींटियां लग गई थीउ.

पत्रिका न्यूज / भास्कर समाचार

बिलासपुर . बाल संप्रेक्षण गृह में चोरी के मामले में शुक्रवार रात दाखिल हुए 17 वर्षीय किशोर ने चंद घंटे के बाद रौशनदान में फंदा बांधकर फांसी लगा ली शनिवार सुबह सुरक्षाकर्मी को किशोर की लाश फांसी के फंदे पर लटकती मिली सूचना मिलने पर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया । पुलिस , प्रशासनिक अधिकारियों व न्यायाधीश ने मौके पर पहुंचकर जांच की मामले में कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं । इस मामले में खास बात निकल कर यह सामने आ रही है कि किशोर को पूर्व में केंद्रीय जेल में रखा गया । बाद में जब पता चला कि ये नाबालिग है तो इसे बाल संप्रेक्षण गृह शिफ्ट किया गया केंद्रीय जेल में वो सात दिनों तक था। वहीं संप्रेक्षण गृह आए उसे चंद घंटे ही हुए थे जब उसने फासी लगाकर आत्महत्या कर ली

इस बीच उसके साथ क्या हुआ यही जांच का विषय है । फोरेंसिक एक्सपर्ट पीएस भगत के अनुसार सुबह करीब 11 बजे वे मौके पर पहुंचे तो किशोर के शव पर चींटियां रेंग रही थी और यह प्रक्रिया शव में करीब 8 – 10 घंटे के बाद ही शुरू होती है । यानि रात को किशोर पहुंचा और उसके साथ यहां कोई न कोई घटना जरूर हुई है । जिसके कारण उसकी मौत हो गई या तो उसने खुदकुशी कर ली या फिर उसकी मौत कोई और कारण रहे होंगे । फोरेंसिक एक्सपर्ट अनुसार उसकी मौत करीब 9 . 30 बजे हुई थी । पोस्टमार्टम उसका रिपोर्ट मिलने के बाद इसका खुलासा होगा । फिलहाल इसे खुदकुशी ही माना जा रहा है । नाबालिग का शव जहां पर फांसी पर लटका हुआ था वहां पर प्लास्टिक की एक कुर्सी थी । इसके जरिए उसने चढ़कर खिड़की के रॉड पर फंदा लगाया होगा । इधर बाल संप्रेक्षण गृह के अफसर इसे तड़के की बता रहे हैं । जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश सिंह का कहना है कि किशोर जिस आस कमरे में था उसके बगल में बाथरूम है । इसके बाहर ही शव फंदे पर लटकते मिला । उनका कहना है कि सुबह सभी सोते रहे होंगे इसी बीच उसने खुदकुशी कर ली । किशोर के सोने के लिए जो गद्दा लगा हुआ था उसमें सलवटें नहीं थी ।

जानकारी के अनुसार अशोक नगर मुरुम खदान निवासी 17 वर्षीय किशोर पिता के साथ बाइक रिपेयरिंग का काम करता था । 19 जुलाई को पुलिस ने किशोर व उसके साथी लोकेश वैष्णव को चोरी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था । करीब 7 दिनों तक लोकेश के साथ आरोपी किशोर केन्द्रीय जेल में था । परिजनों को यह पता चला कि नाबालिग बेटे को केन्द्रीय जेल भेजा गया है तो उन्होंने वकील के माध्यम से सरकंडा टीआई संतोष कुमार जैन को इसकी जानकारी भेजी पुलिस ने किशोर के स्कूल के सर्टिफिकेट परिजनों व स्कूल से निकलवाने के बाद किशोर को केन्द्रीय जेल से निकालकर 26 जुलाई को रात 8 बजे बाल संप्रेक्षण गृह में दाखिल किया था । शुक्रवार रात बाल संप्रेक्षण गृह में सभी 46 किशोर पहली मंजिल पर बने सोने के कमरे में सो रहे थे रात में किशोर ने तकिए के कव्हर को फाड़कर फंदा बनाया और रौशनदान में फंदा फंसाकर फांसी लगा ली शनिवार सुबह 6 बजे बाल
संप्रेक्षण गृह के बच्चे सोकर उठे तो फांसी पर किशोर की लाश देखकर उनकी आंखें फटी की फटी रह गई ।

3 घंटे बाद पुलिस , 4 घंटे के बाद परिजनों को दी सूचना

घटना की जानकारी सुबह 6 बजे संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों को हो गई थी । संप्रेक्षण गृह से घटना की सूचना पत्र के माध्यम से सुबह 9 बजे सरकंडा थाना भेजी गई । सूचना मिलने पर सरकंडा टीआई संतोष जैन , सीएसपी कोतवाली विश्वदीपक त्रिपाठी , सिविल लाइन टीआई कलीम खान , तारबाहर थाना प्रभारी पनी जेपी गुप्ता समेत भारी संख्या में पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे करीब 11 बजे पुलिस कर्मी किशोर के पिता के पास पहुंचे और उन्हें बाल संप्रेक्षण गृह में बेटे को दिखाने की बात कही और बाल संप्रेक्षण गृह लेकर पहुंचे

रोते बिखलते पिता ने कहा , देखभाल करते तो नहीं मरता मेरा बेटा घटना के बाद किशोर के पिता ने कहा कि सरकंडा पुलिस यह जानती थी कि उसका बेटा नाबालिग है तो उसे संप्रेक्षण गृह भेजा जाना था । उसे पहले केन्द्रीय जेल भेजा गया था । वहां से शुक्रवार रात उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया था । कर्मचारी व अधिकारी देखभाल सही तरह से किए होते तो उनका बेटा नहीं मरता । उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है ।

सुलगते सवाल

1 आरोपी किशोर थाने बिना जांच किए पुलिस ने किस आधार पर उसे केन्द्रीय जेल भेज दिया ?

2,बालसंप्रेक्षणगृह में शुक्रवार रात 8 बजे किशोर को दाखिल किया गया तो ऐसा क्या हुआ कि उसने चंद घंटों में फांसी लगा ली ?

3, क्या बाल संप्रेक्षण गृह में माहौल ठीक नहीं था ?

4, क्या बाल संप्रेक्षण गृह में हालत रहने के अनुकूल नहीं थे ?

5, किशोर के फांसी लगाने की सूचना पुलिस को 3 घंटे और परिजनों को 5 घंटे के बाद क्यो दी गई ?

6,( घटना के बाद बाल संप्रेक्षण गृह में अधीक्षिका और अन्य कर्मचारी क्या छिपाने का प्रयास कर रहे थे कि सूचना देने में लेट लतीफी हुई ?

सभी सीसी कैमरे बन्द

बाल संप्रेक्षण गृह में सीसीटीवी कैमरे बंद क्यों थे , खराबी आने पर उसे दुरुस्त क्यो नहीं कराया गया था ?
बच्चे की मौत के कारणों का पता इसलिए नहीं चल पा रहा क्योंकि यहां लगे सीसी कैमरे बंद हैं । यहां आए दिन कोई न कोई आपराधिक घटनाएं होती रही हैं । कभी रस्सी के सहारे ऊपर नशे का सामान पहुंचाया जाता रहा है कभी परिसर में शराब की बोतलें मिलती रही ।

महकमे में हड़कंप किशोर के फांसी पर लटकने की खबर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया संप्रेक्षण गृह की अधीक्षिका अनुराधा सिंह मौके पर पहुंचीं । इसके बाद घटना की सूचना मिलने पर से तहसीलदार एनपी गयेल व जिला कोर्ट के न्यायाधीश भी मौके पर पहुंचे ।

किशोरों के बीच हुई थी मारपीट

सूत्रों के अनुसार बाल संप्रेक्षण गृह में शुक्रवार को किशोरों के बीच किसी से मारपीट हुई थी । इसकी जानकारी मिलने पर किशोरों की पिटाई की गई थी । जिसके बाद बाल संप्रेक्षण गृह में डरे सहमे माहौल में किशोर थे । हलांकि प्रबंधन इससे इंकार कर रहा है

सुपारी किलर ने किया था गलत काम

बाल संप्रेक्षण गृह में किशोर बच्चे के साथ अनैतिक कृत्य भी होता रहा है । 2017 में बिहार के सुपारी किलर सोनू पटेल को यहां बालिग होने के बाद भी रखा गया था । इस दौरान वह एक किशोर के साथ लगातार अनैतिक कृत्य कर रहा था । पीड़ित किशोर ने इसकी शिकायत पत्र के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी को की थी ।

मां आधार कार्ड रखकर कहती रही नाबालिग है

किशोर की मां का कहना है कि बेटे के पकड़े जाने के बाद वह उसका आधार कार्ड लेकर कई बार थाने गई बताया कि उसका बेटा नाबालिग है । और इसमें उसकी जन्मतिथि लिखी है पर किसी ने कुछ नहीं सुना उसे भगा दिया । अब पुलिस इसमें सफाई दे रही है कि उनके पास कोई नहीं आया था ।

जिला महिला बाल विकास अधिकारी करेंगे जांच

महिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश सिंह ने बताया है कि इस मामले की जांच के लिए उन्होंने जिला महिला बाल विकास अधिकारी नेहा राठिया को जिम्मेदारी सौंपी है । उन्हें तीन दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन सौंपने के लिए कहा गया है ।

उसने जेल में कोई उल्टी सीधी हरकत नहीं की

आरोपी किशोर को पुलिस ने 19 साल का होने का हवाला देकर कोर्ट में पेश किया था । कोर्ट के आदेश पर उसे जुलाई को जेल दाखिल किया गया था । 7 दिनों तक वह प्रहरियों की निगरानी में था और ठीक – ठाक था । उसने जेल में उल्टी सीधी हरकत नहीं की थी । शुक्रवार रात उसे स्वस्थ हालत में बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया था ।

एसएस तिग्गा ,
अधीक्षक केन्द्रीय जल , बिलासपुर

जांच के बाद जानकारी दे पाऊंगी

किशोर ने देर रात बाल संप्रेक्षण गृह में फांसी लगाई है । मामले में न्यायिक जांच चल रही है । इस संबंध में मैं कोई जानकारी नहीं दे सकती जांच के बाद जानकारी दे पाऊँगी

अनुराधा सिंह ,
अधीक्षिका बाल संप्रेक्षण गृह , बिलासपुर

विधायक ने गृहमंत्री से की कार्रवाई की मांग

किशोर के माता – पिता विधायक शैलेष पांडेय से मिले और मामले में उनके बेटे को नाबालिग होते हुए भी सेंट्रल जेल भेजने के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की दोनों ने बताया कि बे बेटे के पकड़े जाने के बाद उसका आधार कार्ड लेकर कई बार थाने गए पर वहां से उन्हें भगा दिया गया विधायक ने इस संबंध में गृहमंत्री व डीजी से चर्चा कर दोषियों को दंडित करने की मांग की गृहमंत्री ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया है ।

न्यायिक जांच शुरू , पुलिस को रिपोर्ट का इंतजार

नाबालिगों की कस्टडी में मौत के मामले में न्यायिक जांच होती है यह शुरू हो चुकी है । एसपी प्रशांत अग्रवाल का कहना है कि जांच में मौत के जिम्मेदार कौन है ? इसका पता लग जाएगा । इसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी यदि कहीं पुलिसवाले जिम्मेदार होगें तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा

पत्रिका और दैनिक भास्कर के समाचार

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