अभिव्यक्ति राजनीति

पत्रकारों ने छत्तीसगढ़ सरकार को किया नंगा…

15.10.2018 रायपुर 

रायपुर / प्रेस क्लब रायपुर में सोमवार का नजारा बेहद अजीब था। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव घोषणा पत्र में पत्रकारों के सुझावों को शामिल करने के लिए पत्रकारों के बीच पहुंचे थे। उनके आगमन की सूचना से पहले ही प्रेस क्लब खचाखच भर गया था। पैर रखने की जगह तक नहीं थीं। हर पत्रकार अपनी आपबीती और दिल की बात बता देने को आतुर था। बात शुरू हुई और पत्रकार रमन सरकार और उनके आततायी अफसरों के कारनामों का कच्चा- चिट्ठा खोलने लगे।

पत्रकारों ने बेहद आक्रोशित स्वर में बताया कि छत्तीसगढ़ में लिखने-पढ़ने की आजादी को रमन सरकार उनके अफसरों ने जूते तले कुचल डाला है। एक वरिष्ठ पत्रकार ने नेता प्रतिपक्ष को लिखित में अपना सुझाव दिया वहीं कई जूनियर पत्रकारों ने भी लिखित में मुख्यमंत्री के एक सबसे करीबी अफसर के बारे में जानकारी मुहैया कराई। पत्रकारों ने बताया कि जब से रमन सरकार बनी है तब से लेकर अब तक पांच पत्रकारों की हत्या हो चुकी है। ढाई सौ से ज्यादा पत्रकारों पर फर्जी मामलों में जुर्म दर्ज है।

पत्रकारों का कहना था कि चाहे बस्तर हो या सरगुजा… हर जगह पत्रकार प्रताड़ित किए जा रहे हैं। सरकार के सबसे करीबी अफसर जो भारतीय प्रशासनिक सेवा और पुलिस सेवा के अफसरों के साथ मिलकर रैकेट चला रहे हैं वे अब पत्रकारों के परिजनों और बच्चों को भी हमले का शिकार बना रहे हैं। आईएएस और आईपीएस उनकी जी- हजूरी करने को मजबूर हैं क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर अपने आपको देश का सबसे पॉवरफुल अफसर साबित कर रखा है।

पत्रकारों ने नेता प्रतिपक्ष बताया कि अब सरकार तय कर रही है कि कौन सी खबरें लगेगी और कौन सी नहीं? यहां तक अखबारों में हेडिंग भी सरकार तय कर रही हैं। एक पत्रकार ने कहा कि डीपीआर में पदस्थ कुछ लोग अखबार के दफ्तरों से राजनीतिक खबरों का पेज मंगवा रहे हैं और उसे चेक कर रहे हैं। जो अखबार थोड़ा- बहुत भी हीला-हवाला करते हैं सरकार उनका विज्ञापन बंद कर देती हैं। पत्रकारों ने कहा- पहले ऐसी स्थिति नहीं थीं लेकिन अब तो आपातकाल लागू हैं। सरकार के इशारों पर अखबार के मालिक भी पत्रकारों की छंटनी में लगे हैं। किसी की डेस्क बदली जा रही है तो किसी का तबादला कर दिया गया है।

पत्रकारों ने कहा कि सरकार पत्रकारों से तलवे चटवाना चाहती हैं। जो पत्रकार अपनी आत्मा को गिरवी रखकर तलवे चाटने का काम कर रहे हैं वे खुश हैं, लेकिन ऐसे पत्रकार भी गिने- चुने हैं। पत्रकारों ने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि वे अपने घोषणा पत्र में पत्रकार सुरक्षा कानून को अनिवार्य रूप से स्थान दें। नेता प्रतिपक्ष ने आश्वस्त किया कि कांग्रेस की सरकार में पत्रकारों को काम करने की पूरी आजादी रहेगी। हर हाल में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाएगा।

सोमवार को जब नेता प्रतिपक्ष पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे तभी भाजपा कार्यलय से पत्रकारों को यह सूचना दी गई कि मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय एक जरूरी विषय पर पत्रकारवार्ता करना चाहते हैं। पत्रकारों के एक बड़े वर्ग ने यह माना कि यह मामले को डायवर्ट करने की एक साजिश थीं।

( टीप- यह खबर छत्तीसगढ़ के किसी भी मुख्यधारा की मीडिया में कल नज़र नहीं आएगी… हालांकि पत्रकारों ने खबरें बनाई हैं, लेकिन चुनाव के समय कौन मालिक अपने करोड़ों रुपये के पैकेज का नुकसान करेगा।) 

**

Related posts

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर दलित बुद्धिजीवी प्रो. आनंद तेलतुंबड़े गिरफ्तार

News Desk

Zee News Directed To Apologise To Gauhar Raza And Pay Fine For Branding Him as Part Of ‘Afzal Premi Gang’

News Desk

कलम के सिपाही गणेश शंकर विद्यार्थी : साम्प्रदायिक दंगे काे राेकने में शहादत-25 मार्च

News Desk