किसान आंदोलन

पत्थलगांव में मना चौधरी चरण सिंह का जन्मदिन किसान दिवस के रूप में.

किसान दिवस मनाया गया

पत्थलगांव: 23 दिसम्बर,

श्री चौधरी चरन सिंह के जन्मदिन को किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है। वे एक महान किसान नेता थे। पत्थलगांव के कतंगतराई पंचायत के नगड़ापारा गांव के स्कूल प्रांगण में प्रबुद्ध किसानों के साथ मनाया गया इसे मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता श्री साहू जी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को अन्न उत्पन्न करके दुनिया का पेट भरने के लिए धन्यवाद दिया।

याकूब कुजूर, संयोजक जीवन विकास मैत्री, ने किसानों को चिंतन और चर्चा में अगुवाई किया। उन्होंने विचारधारा विकशित करने पर जोर दिय। जैसे, किसानवाद बनाम पूँजीवाद, कृषि उत्पाद बनाम औद्योगिक उत्पाद पर बल व कीमत निर्धारण की नीति-उद्योगपति अपने उत्पाद की कीमत निर्धारण करता है तो किसान अपने उत्पाद की कीमत निर्धारण क्यों नहीं कर सकता? जिस दिन वह कीमत निर्धारित करेगा उसी दिन वह आजाद होगा! जब कृषि उपज की कीमत बढ़ती है तो उसे मंहगाई कहा जाता है और औद्योगिक उत्पाद की कीमत बढ़ती है तो उसे लाभ। किसान को कर्ज माफी न देकर पूंजीपतियों को करोड़ो रुपयों की माफी क्यों दी जाती?

कृषि विकास को विकास न कहकर सिर्फ औद्योगिक विकास को ही विकास क्यों कहा जाता? किसान अन्नदाता होकर भी क्यों भूखा है? क्यों वह आत्म हत्या करने को विवश हो रहा है? सरकार किसानों के लिए नीति न बनाकर उद्योगपतियों के लिए अधिक नीतियां क्यों बनाती है? ये सब क्यों होता है? ताकत की कमी के कारण। किसान के पास आर्थिक ताकत नहीं है और न ही संगठन की ताकत। इसके जिम्मेदार कौन? इसी प्रकार और अन्य किसानी मुद्दों पर चर्चाएं कीं गईं। शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी किसानों को प्रेरित किया गया।
चर्चा के बाद किसानों ने सरकार से मांग की-

1. टमाटर का समर्थन मूल्य निर्धारित करे।
2. अन्य कृषि उपज व समस्त वनोपज का समर्थन मूल्य घोषित करे।
3. लुड़ेग में लगे प्रोसेसिंग यूनिट को चालू करे।
4. कृषि बाजार में दलाली प्रथा खत्म करे।
5. जशपुर जिले को सूखा घोषित करे।
6. कृषि विकास के समुचित
प्रयास करे।
समारोह का संचलन हेमन्त लकड़ा व अंशुमाला टोप्पो ने किया और जेरोम लकड़ा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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याकूब कुजूर
संयोजक, जीवन विकास मैत्री

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