महिला सम्बन्धी मुद्दे

पत्थलगांव :  अंतरराष्ट्रीय  महिला दिवस पर नवाचारी बनने का संदेश

8.03.2019 / पत्थलगांव

याकूब कुजुर की रिपोर्ट .

पत्थलगांव: 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस जीवन विकास मंत्री की अगुवाई में किलकिला ग्राम पंचायत भवन में मनाया गया ।इसमें क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। समारोह का आरंभ अतिथियों का स्वागत फूल गुच्छ एवं बैज लगाकर किया गया । इसके बाद दीप प्रज्वलन प्रतिनिधियों के द्वारा किया गया। किलकिला ग्राम पंचायत की महिला समूह के सदस्यों ने अतिथियों का गाना गाकर स्वागत किया।

याकूब कुजूर, संयोजक जीवन विकास मैत्री ने समारोह क्यों मनाया जाता है, कब से मनाया जाता है , विषय वस्तु कैसे निर्धारित कैसे किया जाता है इसके बारे में जानकारी दिया। महिलाओं की स्थिति के सुधार के बारे में कौन-कौन से कानूनी प्रावधान हैं उसकी जानकारी उन्होंने दी। जैसे जैसे मानव अधिकार, आदिवासी अधिकार और भारतीय संवैधानिक प्रावधान, जैसे अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989, पोक्सो कानून 2012, छत्तीसगढ़ निजी नियोजन अभिकरण विनियमन अधिनियम 2013 महिला व बाल विकास योजनाए। उन्होंने महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना की।

सामाजिक, संस्कृति, खेलकूद राजनीतिक आर्थिक क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों को गिनाया। उपलब्धियों और कानूनी प्रावधानों के होते हुए भी आज महिलाओं की दशा कैसी है पर उन्होंने चिंतन प्रस्तुत किया। क्या समानता है ?कोई भेदभाव नहीं है ? क्या नारी प्रताड़ना, हिंसा अन्याय नहीं है? क्या मानव तस्करी / व्यापार समाज के लिए कलंक नहीं है? महिलाओं के विकास और उत्थान के लिए उनकी दशा सुधारने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं ? आप व्यक्तिगत रूप से क्या कदम उठाएगी?

महिला दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं उन्होंने दिया।
कृषि विकास अधिकारी श्रीमती अनिता एक्का ने महिलाओं को कृषि कार्य में सहयोग के लिए बधाई कहा। पुरुषों को तरह कृषि कार्य में हाथ बंटाने की उन्होंने सलाह दी । शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए उन्होंने महिलाओं को भी आगे आने का आह्वान किया । उन्होंने कई कृषि योजनाओं की जानकारी दी ।

शिक्षा विभाग से सुशीला भगत  ने महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बालकों की तरह बालिकाओं को भी पढ़ाना चाहिए। पुरुष प्रधान व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए महिलाओं की शिक्षा बहुत ही जरूरी है। महिलाओं ने शिक्षा के क्षेत्र में राजनीति के क्षेत्र में पुरुषों की बराबरी की है, बल्कि कहीं-कहीं पुरुषों से भी आगे निकल गई है। जब परिवार में महिला पढ़ी लिखी होती है तो परिवार के सभी जन पढ़े लिखे होते हैं। जब महिलाएं शिक्षित होती हैं तो उन पर शोषण और अत्याचार नहीं होता है । मां परिवार की प्रथम शिक्षिका है , अगर वह शिक्षित है तो पूरे परिवार के सदस्य शिक्षित है। उन्होंने सलाह दी कि अपने बच्चों को विशेषकर बालिकाओं को बढ़ाएं । पढ़ने का अर्थ समझाएं पढ़ाई का लक्ष्य निर्धारित करें । उन्होंने महादेवी वर्मा की कविता की याद दिलाई। जहां महिलाएं शिक्षित होती हैं देश का विकास होता है। देश के विकास में महिला पुरुष की समान भागीदारी होनी है।

महिला बाल विकास से अंजली राठिया ने महिलाओं से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जैसे मातृ वंदना योजना । प्रताड़ना चुपचाप नहीं रहना चाहिए उसके लिए भी मदद के लिए योजनाएं हैं जिसका लाभ महिलाओं को लेना चाहिए। स्वयं सहायता समूह के लिए विभाग की ओर से लोन की सुविधा है 3% ब्याज में लोन दिया जाता है। उन्होंने कई अन्य योजनाओं की जानकारी दी। इसके बाद महिला समूह ने अपना प्रतिवेदन दिया। प्रतिवेदन मे बताया कि किस प्रकार महिलाएं निरंतर एक दूसरे की मदद करने का प्रयास कर रही है। अपने बचत को बढ़ाने का प्रयास कर रही है ।। बचत ने से जरूरतमंद लोगों को लोन दे रही हैं और लोन लेकर भी वे अपने और समूह की स्थिति को सुदृढ़ बना रही है।

समारोह का संचालन सरोज लकड़ा ने कियाअध्यक्षता शांति देवी ने की। शांति देवी के आशीर्वचन से समारोह का समापन किया गया। समारोह के आयोजन में जेरोम लकड़ा, हेमन्त लकड़ा ने अहम भूमिका निभाई। याकूब कुजूर की ओर से समारोह में भाग लेने वालों को, महिला बाल विकास विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विघाग के पदाधिकारियों को धन्यवाद। क्षेत्र की व महिलाओं की समस्याओं से अवगत कराने एवं उचित समाधान हेतु एस डी एम को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

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