मानव अधिकार सांप्रदायिकता

नेशनल काउंसिल ऑफ चर्चेज इंडिया ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम खुला पत्र लिखा .,: जिसमें देश में महिलाओं,बच्चों के साथ हिंसा और यौन अपराध पर आक्रोश व्यक्त किया गया हैं .

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 05/22/2018  

24.05.2018

News wing desk 

 देश में चल रही सता की गतिविधि पर समाज के उन तबकों से भी अब आवाज सामने आने लगी है, जहां सरकार के क्रियाकलापों को लेकर नाराजगी जाहिर की जा रही है. देश की मौजूदा राजनैतिक हालात और माहौल पर ईसाइ धर्म गुरू की ओर से बिशप मोस्ट रेवरेंड थॉमस के. उम्मन का पत्र चर्च ने जारी किया था. उस पत्र में रेवरेंड थॉमस के. उम्मन ने कहा था की राष्ट्र आज कॉर्पोरेट-फासीवादियों के शिंकजे में है, मैं एक भारतीय नागरिक होने के नाते और साथ ही भारतीय ईसाई और एक क्लीसिया के मुखिया होने के नातेजिसमें अधिकांश सदस्य दलित और आदिवासी हैं और गरीब किसान के साथ ही मछुआरे हैं. उन सबके बारे में चिंता व्यक्त करते हुये बिशप उम्मन ने कहा था कि राष्ट्र आज कॉर्पोरेट-फासीवादियों के शिंकजे में जकड़ गया है.

 

साथ ही उन्होंने खत में  भारत के क्लीसियाओं को राष्ट्र के लिये एकजुट होकर प्रार्थना करने का आह्वान किया था और साथ ही जनततंत्रसेकुलरवाद और समाजवाद के मूल्यों पर राष्ट्र निर्माण के लिए काम करने का भी आह्वान किया था. पत्र को चर्च ऑफ साउथ इंडिया-मध्य केरल डायोसिस के एकुमेनिकल रिलेशंस एवं पत्राचार दफ्तर के रेव्ह. विजी ने भारत के नागरिकों के नाम खुले खत को देश के सभी बिशपोंपासबानोंबहनों के लिये 13अप्रैल को जारी किया था. उनके इस पत्र को लेकर भी कई विरोधी विचार समाने आये थे. लेकिन उन विचारों में देश के मौजूदा हालात पर कोई चर्चा नहीं की गयी थी.

bishap
बिशप मोस्ट रेवरेंड थॉमस के. उम्मन

नेशनल काउंसिल ऑफ चर्चेज इंडिया ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम खुला पत्र लिखा

बिशप उम्मन की अपील के बाद नेशनल काउंसिल ऑफ चर्चेज इंडिया ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम खुला पत्र लिखा था. जिसमें देश में महिलाओं,बच्चों के साथ हिंसा और यौन अपराध पर आक्रोश व्यक्त किया गया था. यह पत्र  16 अप्रैल को संगठन के सभापति मोस्ट रेव्ह. डॉ. पी. सी. सिंहमहासचिवरेव्ह. डॉ. रॉजर गायकवाड और रेव्ह. मौमिता विश्वास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम खुला पत्र लिखा था, जिसमें देश में बढ़ रहे गैंगरेप और हत्या को लेकर निंदा की गयी थी. यह पत्र  NCCI ने जारी किया था. NCCI संगठन देश एक करोड़ 40 लाख ईसाईयों का प्रतिनिधित्व करता है. इसके अलावा यह संगठन भारत में रेफोर्मेशन और सीरियन मसीही परंपरा के ईसाईयों का प्रतिनिधित्व भी करता है. अब मोदी सरकार पर रोमन कैथोलिक चर्च के आर्चबिशप अनिल कुटो की ओर से देश के कैथोलिक चर्च के पादरियों और धर्म बहनों को लिखे पत्र को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है.

 

 

आर्चबिशप अनिल कुटो की ईसाई धर्मावलंबियो से अपील
डॉ. पी. सी. सिंह,NCCI के प्रेसिडेंट

क्या है आठ मई  को आर्चबिशप अनिल कुटो के लिखे पत्र में 

आर्चबिशप अनिल कुटो ने वर्तमान राजनीतिक हालात को अशांत करार देते हुए अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए ईसाई विश्वासियों से दुआ करने की अपील की है. उस पत्र पर भाजपा ने आपत्ति व्यक्त की है. पत्र में उन्होंने लिखा था कि हमलोग अशांत राजनीतिक माहौल के गवाह हैं. इस समय देश के जो राजनीतिक हालात हैंउसने लोकतांत्रिक सिद्धांतों और देश की धर्मनिरपेक्ष पहचान के लिए खतरा पैदा कर दिया है. साथ ही बिशप के पत्र में लिखा है कि 2019 में नयी सरकार बनेगी. ऐसे में हमें 13 मई से अपने देश के लिए प्रार्थना करने की जरूरत है. उन्होंने ईसाई समुदाय के लोगों से अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए प्रार्थना के साथ ही हर शुक्रवार को उपवास करने की भी अपील की. ताकि देश में शांतिलोकतंत्रसमानतास्वतंत्रता और भाईचारा बना रहे. साथ ही उन्होंने कहा कि 13 मई को मदर मरियम ने दर्शन दिये थेइसलिए यह महीना ईसाई धर्म के लिए विशेष महत्व रखता है. साथ ही इस पत्र को कैथोलिक चर्च में होने वाली सभा में पढ़ने का भी अनुरोध किया.

आर्चबिशप अनिल कुटो
आर्चबिशप अनिल कुटो

इस पत्र के मीडिया में आने के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलासिला शुरू हो गया है. वहीं भाजपा की ओर से बिशप के इस पत्र पर आपत्ति जताते हुये निंदा की गई है, दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि यदि आर्चबिशप को अपने पद की मर्यादा का जरा भी ख्याल है तो उन्हें  इस पत्र को तुरंत वापस लेना चाहिए. वहीं कैथोलिक चर्च के प्रवक्ता मुत्थु स्वामी ने मामले को लेकर प्रतिक्रिया दी और कहा है कि पत्र किसी के विरोध में नहीं है. देश की बेहतरी और अगले लोकसभा चुनाव के लिए है.

 

देश में सभी अल्पसंख्यक सुरक्षित गृह मंत्री

आर्चबिशप के लिखे गये पत्र पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा है कि मुझे ऐसी किसी भी चिट्ठी की जानकारी नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि इस देश में मजहब के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता है और यहां सभी अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं.

वहीं खत पर अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री धर्म और जाति की बाधा को तोड़ते हुए बिना किसी भेदभाव के सबके विकास के लिए काम कर रहे हैं. साथ ही नकवी ने कहा कि हम बिशप से को सिर्फ प्रगतिशील मानसिकता के साथ बिचार करने के लिये कह सकते हैं.

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