कला साहित्य एवं संस्कृति

नायरा वहीद की अनुवादित कवितायें.

नायरा वहीद के ‘नमक’ और ‘नजमा’ नाम से दो काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं| वर्जनाओं से निकल कर स्पष्ट और कोमल अनुभूतियों को यथार्थ की कसौटी पर कसती ये कविताएँ सतर्क और सचेत होकर बिषमताओं से जूझती हैं और नया रास्ता ढूँढने का प्रयास करतीं हैं| भोजन में नमक की तरह जरूरी ये कविताएँ साबित करतीं हैं कि शब्द कितने शक्तिशाली हैं| वहीद अंग्रेजी भाषा में लिखतीं हैं उनकी कुछ कविताओं के हिंदी अनुवाद आज दस्तक के पटल पर —प्रस्तुति अनिल करमेले .
 
1.
मैने तुम्हें प्यार किया
क्योंकि
यह
खुद को प्यार करने से ज्यादा
आसान था
 
2.
‘नही’
वह शब्द है
जो उन्हें गुस्से में भर देगा
और तुम्हें
आजादी देगा
 
3.
उदासी का
उसी तरह इन्तजार करो
जैसे तुम
इन्तजार करते हो बारिश का
दोनों ही
चमकाते हैं हमें   
 
4.
तुम्हारा
मुझे न चाहना
मेरे लिए
खुद को चाहने की शुरुआत थी  
तुम्हारा शुक्रिया!
 
5.
मुझे
हर महीने
रक्त श्राव होता है
मैं तब भी नही मरती  
मैं कैसे मान लूँ कि
मैं कोई जादू नही?
 
6.
मैं
इस बात को तवज्जो नही देती
कि दुनिया खत्म हो रही है
मेरे लिए तो यह
कई बार
खत्म हुई
और अगली सुबह
शुरू भी हुई
कई बार 
 
7.
मुझे खुद से प्यार है
और यह
अब तक की
सबसे शांत
सबसे सरल
सबसे ताकतवर
क्रांति थी
8.
बेशक तुम्हें कोई चाहता होगा
पर इसका मतलब यह नही
कि वे तुम्हारी कदर भी करते होंगे?  
इसे एक बार फिर पढ़ें
और इन शब्दों को अपने दिमाग में गूँजने दें 
9.
ये कैसी
चौंका देने वाली कैमिस्ट्री है
कि आप मेरी बांह छूते हैं
और लपटें  
मेरे दिमाग में उठने लगतीं है
 
10.
इच्छा
एक ऐसी शय है
जो तुम्हें खा जाती है
वहीँ तुम्हें  
भूखा भी छोड जाती है
 
11.
यह
अपने दर्द के बारे में
ईमानदार होना ही है  
जो मुझे अजेय बनाता है 
 
12.
उन पर
कभी भरोसा मत करना
जो कहते हैं
कि उन्हें रंग नजर नही आते
इसका मतलब है
कि उनके लिए
तुम अदृश्य हो
 
13.
अगर कोई मुझे चाहेगा नही 
तो दुनिया खत्म नही हो जायेगी
पर अगर मैं खुद को नही चाहूंगी
तो दुनिया जरूर खत्म हो जायेगी
 
14.
“फूल का काम
आसान नहीं
लपटों में
नरम रहने में
वक़्त लगता है। ”
15.
मेरे पास
प्रेम के लिए
सात अलग-अलग लफ्ज़ थे
तुम्हारे पास
सिर्फ एक
मेरी बात में वजन है
मानोगे?
 
अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद: नीता पोरवाल

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