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नंदराज पर्वत : फर्जी ग्रामसभा की जांच में आंदोलन कारीयों के प्रतिनिधियों को शामिल करें तब ही जांच निष्पक्ष होगी.

सामाजिक कार्यकर्ता , प्रमुख आदिवासी नेता सोनी सोरी और लिंगा राम कोडोपी ने कहा कि बैलाडीला रेंज, जिला दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़ में स्थित नंदराज पर्वत में NMDC, CMDC, NCL एवं अडानी कंपनी के संयुक्त खनन परियोजना को खारिज करने के लिए स्थानीय आदिवासी ग्रामीणों द्वारा आंदोलन के दबाव में, दिनांक 13 जून 2019 को उप प्रभागीय न्यायधीश (SDM), दांतेवाड़ा ने किरंदूल में घोषित किया था कि, 2014 में पंचायत राज कानून (PESA) तहत आयोजित ग्राम हिरोली के फ़र्जी ग्राम सभा के जाँच प्रक्रिया 15 दिन के अंदर समाप्त की जाएगी। मांग यह भी रखी गई थी कि जांच प्रक्रिया के निष्पक्षता और पारदर्शिता को बनाये रखने के लिए ग्रामीणों के पक्ष से पेश की गई सुची में से आंदोलन कमिटी के सदस्यों को भी नियुक्त किया जाए।

इसके अंतर्गत, 24 जून 2019 को ग्राम हिरोली में परियोजना के प्रस्ताव रजिस्टर के 106 हस्ताक्षरों की तहकीकात SDM द्वारा करने की घोषणा की गई। घोषणा के अनुसार, जांच पार्टी के सुरक्षा के लिए रक्षा बल के सैनिक भी तहकीकात स्थल पर प्रस्तुत होंगे। इसके बीच, किसी प्रतिनिधि मंडल के सदस्य को जांच प्रक्रिया के लिए आदेशित भी नहीं किया गया है। जब कि तहकीकात की घोषणा प्रशासन के पक्ष से एक सराहनीय कदम है, जांच प्रक्रिया के हालात पूरे प्रक्रिया के निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते हैं। रक्षा बलों के मौजूदगी में ग्रामवासियों से ली गयी गवाही दबाव में लिए गए गवाही के बराबर होगी। बिना आंदोलन कमिटी के सदस्यों के उपस्थिति में जांच की निष्पक्षता भी संदिग्ध हो जाती है।

  • सोनी सोरी, लिंगा राम कोडीपी

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