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नंदराज पर्वत पर चढ़े हज़ारों आदिवासीयों ने लिया संकल्प, जान देदेंगें लेकिन पर्वत नही देंगे .

जगदलपुर . विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर बस्तर हजारों आदिवासी शुक्रवार नंदराज पहाड़ी की तरफ आगे तो उन्हें प्रशासन ने रोक दिया इसके बाद ग्रामीणों पैदल ही 15 किमी पहाड़ी रास्ता पार कर नंदराज की चोटी पर पहुंचे और यहां की मिट्टी को उठाकर सभीने शपथ ली कि वे अपनी जान दे देंगे लेकिन पहाड़ी को किसी पूंजीपति को नहीं देंगे ।

इतना नहीं उन्होंने यहां हाल ही में पेड़ों की कटाई को दुखद बताया और इसकी रक्षा करने की शपथ ली इसके बाद पीटटोड् माता की पूजा अर्चना की गई पारंपरिक कार्यक्रम किया यहां आदिवासियों ने पहाड़ी बचाने से जुड़े हिंदी और गोंडी गाना गाने के साथ नाच किया यहां सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोढ़ी भी पहुंची थी उन्होंने आदिवासियों के जोश देखकर कहा कि ऐन समय में कार्यक्रम तय होने के बाद भी इतनी बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना बताता कि वे नंदराज पहाड़ी को लेकर कितने सजग है ।

इससे बात तय है कि अब इस पहाड़ी कोई भी पूंजीपति को आदिवासियों के शोषण के लिए नहीं दिया जाएगा ।

:आदिवासियों की नंदराज पहाड़ी जिसे एनएमडीसी अपना डिपॉजिट नंबर 13 बताता है , प्लांट लगाने के लिए जंगलों कटाई बाद इसे अडानी को जाने भी खुलासा हुआ जमीन अधिग्रहण करने के लिए पेड़ों कटाई शुरू हुई इसकी जानकारी लगी और यह पता चला की ग्रामसभा में देने का प्रस्ताव भी पास हो चुका है । इस ग्रामसभा को फर्जी करार देते हुए आदिवासी लामबंद हुए और लंबा आंदोलन किया । राज्य सरकार ने माहौल देखते हुए इस जमीन अधिग्रहण करने पर रोक लगाई जिसके बाद विवाद थमा इसके बाद दिवस के मौके पर सभी आदिवासी एक है इस तरह मैसेज देने के लिए फिर एक बार नंदराज पहाड़ी में पहुंचे थे ।

स्थिति साफ करे सरकार नहीं सितंबर में फिर से होगा आंदोलन आदिवासियों ने नंदराज पहाड़ी कार्यक्रम के दौरान साफ कहा कि सरकार इस मामले पर अपन पक्ष साफ करें । यदि इस पहाड़ी को अडानी को दिए जाने काम सरकार करती है ।

आराध्य को बचाने सैकड़ों गांव के लोग 3 दिन पैदल चलकर यहां पहुंचे थे

विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर नंदराज पहाड़ी में पहुंचने को लेकर दूर – सुदूर इलाके से आदिवासीपहुंचे थे । सैकड़ों के गांव के लोग तो भरी बारिश के बीच घर से पहाड़ी रास्ता से होते हुए पैदल ही यहां तक पहुंचे । पूछने पर बताया कि वे अपने आराध्य को बचाने के लिए आए हैं ।

पत्रिका एवं अन्य एजेंसी

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