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दिल्ली हिंसा : जिन 8 सीटों पर जीती भाजपा उनमें से 5 दंगो की चपेट में

जनसत्ता में प्रकाशित रिपोर्ट

जनसत्ता ने लिखा है कि उत्‍‍‍‍तर-पूर्वी दिल्ली में तीन दिन की हिंसा में करीब तीन दर्जन लोग मारे गए। हिंसा में अपनों को खोने वाले इसकी जड़ नेताओं की राजनीति में देख रहे हैं। राहुल सोलंकी के पिता हरीसिंघ ने साफ कहा कि कपिल मिश्रा आग लगा कर घर में बैठ गया और हम जैसों के बेटे जा रहे हैं।

हिंसा की ज्‍यादातर घटनाएं उन्हीं इलाकों से सामने आई हैं, जहां से हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्‍मीदवार जीते हैं। भाजपा ने दिल्ली की 70 सीटों में से 8 सीटें जीतीं। इनमें से 5 सीटें उत्तर-पूर्व दिल्ली की हैं। भाजपा के दिल्ली अध्यक्ष मनोज तिवारी भी उत्तर-पूर्व दिल्ली से ही सांसद हैं।

दंगे के दौरान हथियारबंद भीड़ ने जाफराबाद, मौजपुर, घोंडा, बाबरपुर, गोकुलपुरी, यमुना विहार और भजनपुरा में लोगों की जान-माल को निशाना बनाया। सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए इलाके करावल नगर, घोंडा, रोहतास और गांधी नगर विधानसभा क्षेत्र हैं। भाजपा ने उत्तर-पूर्व में घोंडा, करावल नगर, गांधी नगर, रोहतास और विश्वास नगर की सीट जीती है। इन इलाकों में पूर्वांचली वोटर्स की अच्‍छी-खासी तादाद है।

27 जनवरी को अमित शाह ने बाबरपुर में चुनाव प्रचार के दौरान वोटर्स से अपील की थी कि वे ईवीएम का बटन गुस्से में इतना तेजी से दबाएं कि उसका करंट शाहीन बाग (जहां पिछले दो महीने से लोग नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं) तक महसूस हो। इसी बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मौजपुर में कपिल मिश्रा ने पुलिस को चुनौती दी थी। यहां से बीजेपी चुनाव हार गई थी। यह क्षेत्र भी दिल्ली के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। दंगे के शुरुआती कई घंटों तक पुलिस के तमाशबीन व उदासीन रहने के कई मामले सामने आए हैं।  

आप से भाजपा में आकर चुनाव लड़े और हार चुक कपिल मिश्रा ने रविवार रात मौजपुर में भाषण दिया और पुलिस अफसर के सामने चुनौती दी कि ट्रंप के जाने तक वह शांत रहेंगे और उसके बाद सड़कों पर उतर कर जाफराबाद व चांदबाग की सड़कें खाली कराएंगे। मौजपुर का इलाका बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यहां के विधायक आप के गोपाल राय हैं। भाजपा ने उत्‍तर-पूर्व की जो तीन सीटें जीती हैं, वे हैं दक्षिण-पूर्व में बदरपुर, उत्तर-पश्चिम की रोहिणी और उत्तर-पूर्व दिल्ली से लगी लक्ष्मी नगर सीट।  

मौजपुर में कपिल मिश्रा के बयान से पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पूर्व विधायक वारिस पठान ने विवादित बयान दिया था। शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन और सीएए पर बोलते हुए वारिस पठान ने कहा था, ‘वो लोग हम पर आरोप लगाते हैं कि हमने अपनी महिलाओं को आगे रखा हुआ है। अभी तक सिर्फ शेरनियां बाहर आई हैं और तुम्हारे पहले ही पसीने निकल रहे हैं। तुम समझ सकते हो कि अगर हम सब एक साथ आगे आ गए तो क्या

होगा। हम 15 करोड़ हैं लेकिन हम 100 करोड़ पर भारी हैं” पठान ने यह बयान दिल्ली से काफी दूर दिया था, लेकिन इसका वीडियो जंगल में आग की तरह फैला। बाद में उन्‍होंने माफी मांगते हुए बयान वापस लिया, लेकिन तब तक इस पर जितना विवाद होना था, हो चुका था।

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