आदिवासी मानव अधिकार

जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों को रिहा करने की घोषणा का हाल निर्मला बुच कमेटी जैसा न हो जाये.- मनीष कुंजाम

सुकमा @ पत्रिका .

भाकपा के पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने हाल ही में जिले के पोलमपल्ली में हुए मुख्यमंत्री प्रवास और उनके घोषणाओं पर प्रतिक्रिया दी है । मनीष कुंजाम ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पोलमपल्ली जनसभा को संबोधित करते हुए जो घोषणाएँ की है उन घोषणाओं को अमल में लाना मुश्किल प्रतीत होता है ।

चुनाव प्रचार में दावा किया गया था कि यदि वे चुनाव में विजयी होते हैं और उनकी सरकार बनती है तो एक माह के भीतर माओवादी प्रकरणों में जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों को तत्काल रिहा कराएंगे । लेकिन सरकार बने लगभग आधा वर्ष व्यतीत हो चुका है । अब जांच कमेटी बनाई गई है । वादे के मुताबिक सरकार ने कहा था की जो चार हजार निर्दोश लोग जो जेलों में बंद है उन्हें तत्काल रिहा किया जाएगा तो उन्हें अविलंब रिहा किया जाए । इस कमेटी का निर्मला बुच कमेटी का जो हश्र हुआ ।

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