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जांजगीर ,गांडापाली ःः असहाय गरीब युवक की बुरी तरह मारपीट .कोई नहीं आया बचाने .पुलिस ने कुछ नहीं किया ,पकड़ा फिर छोड दिया.ःः पीडित का भाई धरम दास .

23.03.2019

प्रियंका शुक्ला की पोस्ट  .

होली की दिन ग्राम गांडापाली में एक अप्रिय घटना घटी जिसमे गांव के दबंगो द्वारा एक असहाय परिवार के लड़के को जबरदस्ती घटना स्थल में जान से मारने की कोशिश की गई और गांव के ही लोग तमाशा बीन  बने देखते रहे।

उस दिन के लगभग 1.30pm को दो गुटों में जम कर लड़ाई हुई उसी डर से साउंड बॉक्स के पास लड़का साउंड को बंद कर के खड़ा था कि अचानक उसके पास आकर दिलेश्वर मैत्री और उसके भाई अनिल मैत्री द्वारा पिछली रंजिश का बदला लेते हुए पहले तो उसने दीपक डीजे के आहूजा 250 एम्पलीफायर को डंडे से मारने लगा फिर उसने बॉक्स को डंडे से मरते हुए गिरा दिया लेकिन उसी पर नहीं अभरथी के मना करने पर उसके सर पर जोर से डंडे से हमला कर दिया और उसने एक हाथ से अभ्यर्थी का गला पकड़ कर दूसरे हाथ से पकड़े डंडे से ताबड़तोड़ मरना जारी रखा फिर मौके पर ही मौजूद अभ्यर्थी के बड़े भाई ने जाकर बीच बचाव करना चाह लेकिन उसको भी डंडे से मार दिया और और अचानक घर की तरफ भागा और घर से धार दार हथियार बौसले को लेकर फिर से हमला करने के लिये दौड़ा और हमला कर दिया लेकिन गांव के ही आदमी और अभ्यर्थी के भाई ने बड़ी मुश्किल से बचाया लेकिन अभ्यर्थी के सीना में हल्का सा बौसले की धार लग ही गया था और गांव आदमी अगर नहीं आते तो एक अभ्यर्थी आज जिंदा नही बचता ना ही उसका भाई।फिर से उसने क्या सोचा या समझा और झटके से छुड़ा कर घर उसके घर के तरफ भाग औऱ वहां से धार दार साबर को निकाल और उससे भी हमला करने लगा और उसके सभी परिवार के सदस्य तामस बिन देख रहे थे जैसे कोई सोची समझी साजिश है जैसे उसके परिवार के कोई भी सदस्य बीच बचाव के लिए नहीं आये.

फिर पुलिस को फोन करने से पुलिस तत्काल पहुंच कर दिलेश्वर और अनिल मैत्री को गिरफ्तार कर ले गया ले गे और अगर पुलिश नहीं पहुंचती तो जरूर कुछ दिलेश्वर और उसके भाई अभ्यर्थी के भाई और उसे जान से मार डालते लेकिन पुलिश ने ले जाकर कुछ घण्टे रखने के बाद तत्काल राजनीति दबाव के कारण उनको छोङ दिया गया और अभी अभ्यर्थी को बहुत ज्यादा चोट आई है और अभ्यर्थी को डभरा में घुमाया जा रहा है और आज उसको जांजगीर डाक्टरी रिपोर्ट के आधर पर सिटी स्केन करने के लिए कहा जा रहा है जबकि पीड़ित के पास सिटी स्केन करने के लिए पैसे नही होने के कारण जांजगीर से वापस आना पड़ा उसके बाद अभी पुलिश क्या करती है ये देखने वाली चीज है कि आज भी कांग्रेश के सरकार में पब्लिक बहुत सोच समझ कर सरकार बदली है लेकिन वही रिश्वतखोरी धड़ले से चला जा रहा है।।।आप सब सामने आये और पीड़ित की सहायता करें तन मन धन से।

धरम दास
पीड़ित का भाई 

इनकी मदद करे Vibhishan Patrey नवीन कुर्रे आप लोगो के जो भी जानने वाले है, इन भाई की मदद करे।

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