अदालत

जस्टिस लोया और प्रभाकर ग्वाल :आज संविधान दिवस है , ,आज एक दूसरे जज की चर्चा करते हैं उस जज का नाम है प्रभाकर ग्वाल.

आज संविधान दिवस है

देश की सत्ता पर बैठी हुई पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का मुकदमा सुन रहे जज की हत्या का मामला चर्चा में है

आज एक दूसरे जज की चर्चा करते हैं

उस जज का नाम है प्रभाकर ग्वाल

प्रभाकर ग्वाल छत्तीसगढ़ के सुकमा में जज थे

वे दलित है इसलिए संविधान की ज़रा ज्यादा ही इज्जत करते हैं

छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार सभी कानून और संविधान को रौंदकर आदिवासियों की जमीनों को छीनने में लगी हुई है

इस काम के लिए निर्दोष आदिवासियों को जेलों में ठूंसा जा रहा है

जज प्रभाकर ग्वाल के सामने पुलिस वाले निर्दोष आदिवासियों को नक्सली कह कर लाते थे

मामला सीधा-सीधा दिखाई देता था

जज प्रभाकर ग्वाल पूछते थे कि इनके खिलाफ कितने एफआईआर हैं

पता चलता था कि आज ही पकड़ा है और इससे पहले इन आदिवासियों ने कभी कोई जुर्म नहीं किया

प्रभाकर ग्वाल ने पुलिस को कानून का पाठ पढ़ाया

लेकिन सत्ताधारियों की गुलामी करने वाली और रोज कानून तोड़ने वाली पुलिस जज साहब से कानून कैसे सुनती ?

पुलिस अधीक्षक ने हाई कोर्ट से जज साहब की शिकायत करी

हाईकोर्ट ने संविधान की इज्जत करने वाले जज की रक्षा करने की बजाए लोगों को लूटने और कानून तोड़ने वाली पुलिस की तरफदारी करी

जज प्रभाकर ग्वाल को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बर्खास्त कर दिया

हत्या सिर्फ रात को मार डालने से ही नहीं होती है

कुर्सी पर बैठकर ईमानदार और कानून की रक्षा करने वालों को गुमनामी में धकेल दिए जाने से भी की जाती है

जज प्रभाकर ग्वाल आज भी संघर्ष जारी रखे हुए हैं

हम कानून और संविधान की रक्षा करने वालों को जब सम्मान देंगे तभी सभ्य माने जाएंगे

**

हिमांशु कुमार

Related posts

सामाजिक बहिष्कार संबंधित कानून सभी राजनैतिक दलों के चुनावी घोषणा-पत्र में शामिल हो , सामाजिक बहिष्कार से हजारों परिवार पीडि़त. पीयूसीएल छतीसगढ .

News Desk

समलैंगिकता से जुड़ी धारा 377 पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, कल भी रहेगी जारी.

News Desk

PUCL Statement Against lodging of FIR against Lawyers Collective & Sr. Advocate Anand Grover. PUCL demands that the case against the Lawyers Collective be dropped forthwith.

News Desk