किसान आंदोलन मजदूर

जल पर प्रथम प्राकृतिक, मौलिक व संवैधानिक अधिकार आम जनता के पीने के पानी के लिए सुनिश्चित किया जाना चाहिए, तत्पश्चात कृषि के लिए और इसके पश्चात् लघुकुटीर उद्योगों के लिए तत्पश्चात पानी की क्षमता और उपलब्धता के अनुसार औधोगिक घरानों को देना सुनिश्चित किया जाना चाहिए : संघर्ष मोर्चा रायगढ

रायगढ 20.12.2017

किसानों व जनसंगठनों के कड़े विरोध के बाद आख़िरकार छ.ग. सरकार को ग्रीष्मकाल में धान की फसल को प्रतिबंधित तथा हतोत्साहित करने के किसान विरोधी आदेश को बदलने के लिए बाध्य होना पड़ा │ लेकिन उस आदेश को पूर्णतः रद्द न कर सरकार ने अपना किसान व जन विरोधी घिनौने चरित्र को ही उजागर किया है │ उक्त विचार संघर्ष मोर्चा के साथी एवं ट्रेड यूनियन कौंसिल रायगढ़ के संयोजक गणेश कछवाहा ने व्यक्त की है │
सवाल यह उठता है कि जल संकट कृषि के कारण उतपन्न हो रहा है या उद्योगों व्दारा क्षमता से ज्यादा पानी दोहन करने के कारण जनता यह सवाल पूछ रही है और जानना चाह रही है कि सरकार को किसानों के छोटी-छोटी क्षमता वाले बोर पर प्रतिबन्ध लगाना चाहिए या उद्योगों के भारी भरकम बोर पर प्रतिबन्ध लगाना चाहिए │ जन चर्चा में यह बात प्रमुख रूप से उठ रही है कि सरकार छत्तीसगढ़ की अस्मिता को उद्योगों के हाथों नीलाम कर किसानों व आम जनता को गहरे संकट में डाल रही हैं │ जलवायु, मिट्टी, पानी और अपने अनुभव तथा योग्यता के आधार किसान खेती करेगा या सरकारी फरमान पर │ यह काफी हास्यास्पद व चिंता जनक है │
किसानों के कड़े विरोध के बाद सरकार ने आदेश को संशोधित तो किया है पर किसानों को पूर्णतः छूट नहीं दिया है │ कलेक्टर के विवेक पर छोड़ कर किसानों के खिलाफ उस नियम को बरकरार रखा है इससे लाल फीता शाही और अफसर शाही बढ़ेगी │ किसान हमेशा भयभीत रहेंगे │
इस संशोधित आदेश से किसान एवं जन संगठन के साथी पूर्णतः संतुष्ट नहीं है │ सरकार को किसान व जन विरोधी काले आदेश को पूर्णतः रद्द करना चाहिए │ छ.ग. सरकार को छ.ग. राज्य की जलनीति घोषित की जानी चाहिए │ जल पर प्रथम प्राकृतिक, मौलिक व संवैधानिक अधिकार आम जनता के पीने के पानी के लिए सुनिश्चित किया जाना चाहिए, तत्पश्चात कृषि के लिए और इसके पश्चात् लघुकुटीर उद्योगों के लिए तत्पश्चात पानी की क्षमता और उपलब्धता के अनुसार औधोगिक घरानों को देना सुनिश्चित किया जाना चाहिए │ जल स्त्रोतों, जल संसाधनों को बचने के लिए उद्योगों व्दारा पानी के अंधाधुंध दोहन पर कड़ाई से प्रतिबन्ध लगाया जाना चाहिए │
सरकार के किसान विरोधी आदेश से किसानों में काफी गुस्सा है │ 01 जनवरी 2018 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जननायक रामकुमार अग्रवाल की जयंती (संघर्ष दिवस) पर हजारों की संख्या में किसान एकत्रित होंगे जननायक को श्रद्धांजलि अर्पित कर कलेक्टर कार्यालय तक महा पदयात्रा निकालेंगे, महामहिम राज्यपाल के नाम कलेक्टर महोदया को ज्ञापन भेंट करेंगे │
08 जनवरी को रायपुर में जिला किसान संघ राजनांदगांव और छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के आव्हान पर गाँधी मैदान रायपुर में किसानों का महा सम्मलेन आयोजित है जिसमें राष्ट्रीय स्तर के किसान नेता हन्नमुल्ला, योगेन्द्र यादव, डा• सुनीलम, देवेंद्र शर्मा, अंतुल अंजान शामिल होंगे │

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