आंदोलन मजदूर राजनीति

जनमुक्ति मोर्चा ने मनाया शहीद दिवस : दल्ली राजहरा

 

जन मुक्ति मोर्चा (छ. ग.) ने आज दिनाँक 23/03/2018 को दल्ली राझहरा में, 23 मार्च शहीद भगत सिग, राजगुरु, सुखदेव शहादत दिवस को संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया जिसमे जन मुक्ति मोर्चा के द्वारा विशाल रैली, आमसभा का आयोजन किया गया। यह रैली दोपहर 03 बजे जन मुक्ति मोर्चा के कृषि कार्यालय दल्ली राझहरा से प्रारंभ होकर शहीद स्मारक जा कर 2,3 जून के पुलिसिया गोली कांड में शहीद हुए साथीयो को श्रध्जंली दे का नगर के मुख्य मार्ग पुरानाबाजार, शहीद वीरनारायण सिंग चौक में पहुंच कर शहीद वीर नारायण सिंग की प्रतिमा को फूल माल्या अर्पण कर गुप्ता चौक से होकर शहीद शंकर गुहा नियोगी चौक नया बस स्टैंड पहुंची वह भी नियोगी जी की प्रतिमा पर फूल माल्या अर्पण कर पूजा अर्चना किये, फिर श्रम वीर चौक, जैन भवन चौक से होकर माइंस ऑफिस चौक आमसभा स्थल पहुची जहाँ पर शहीद भगत सिंग, राजगुरु, सुखदेव, के छांया चित्र पर पूजा अर्चना कर, मौन धारण कर कार्यक्रम की सुरुवात किया गया।

 

 

नवा बिहान के जन गायक चन्द्रशेखर यादव के द्वारा जनगीत आय भगत सिंग तू जिन्दा है…….
चल चलो रे संगी मेहनत कश जनता…..
मेरा रँगदे बसन्ती चोला…..

गीतों को मंचन किया गया, और जयप्रकाश नायर (राज्य सचिव, एक्टू), जयसिंग दुग्गा ने भगत सिंग के विचार और आज के पीढ़ी पर अपनी बात रखी। इस आम सभा में बसन्त रावटे, मूलचन्द चंदेल, यादराम कोर्राम, ईशवर निर्मलकर, सुरेन्द कोर्राम, सुशील निषाद, बलराम उइके, देवराज यादव, शंखर प्रधान, मोहन कुमेटी, सोमदत्त, मंडल भिया, शिवा सिंग, राकेश, राव बाबु व् अन्य जन मुक्ति मोर्चा के सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद थे।

??????

Related posts

जज लोया मर गए तुम बोलो जय श्री राम :उस रात शेर ने न्यायपालिका का शिकार किया कहा न्याय व्यवस्था जटिल है, मामलों के त्वरित निपटारे के लिए अब से अदालत गुफ़ा बैठेगी _ अनुज श्रीवास्तव

News Desk

तहसीलदार ने कहा, काम रुकवाई तो चल जाएगी गोली : तमनार ,रायगढ़ 

News Desk

आरएसएस को संविधान की भाषा नापसंद है-;. आरएसएस ने राममंदिर आंदोलन के माध्यम से देश की जो हानि की है उसकी भरपाई शब्दों से नहीं हो सकती। राम के नाम पर उन्होंने समस्त हिन्दुओं की सहिष्णुता को साम्प्रदायिक राजनीति के हाथों गिरवी रख दिया। राम हमारे देवता हैं उनके मार्ग का अनुसरण करने की बजाय संघ परिवार ने शैतान का मार्ग अपनाया । बाबरी मस्जिद तोड़कर सारी दुनिया में भारत की धर्मनिरपेक्ष छबि को कलंकित किया _ जगदीश्वर चतुर्वेदी की टिप्पणी

News Desk