आदिवासी नीतियां

जगदलपुर: टैक्टर की दो क़िस्त अदा न करने पर 14 दिन से था जेल में. कोलकाता के किसानों ने ली बस्तर के किसान की जमानत

जगदलपुर / नईदुनिया प्रतिनिधि


बस्तर ब्लाक के दो किसान तुलाराम और सुखदास को कर्ज अदा न कर पाने कारण जेल भेजने और दबाव के चलते जिला प्रशासन द्वारा उन्हें रिहा कराने की खबर अभी विस्मृत नहीं हो पाई है वहीं लोहण्डीगुड़ा ब्लाक के ग्राम एरमूर के किसान मनीराम कश्यप को ट्रेक्टर की दो किश्त अदा न करने के आरोप में कोलकाता की अदालत में फाइनेंस कंपनी मेगमा ने खड़ा कर दिया है । मनीराम की जमानत लेने वाला कोई नहीं मिला इसलिए उसे 14 दिन कोलकाता जेल में रहना पड़ा ।

अंतत : राष्ट्रीय किसान परिषद के सदयों ने मंगलवार को पांच हजार के मुचलके पर जमानत कराया और बुधवार रात हावड़ा – जगदत्तपुर समलेश्वरी एक्सप्रेस में बिठाकर बस्तर भिजवाया । आदिवासी किसान मनीराम कश्यप ने तीन साल पहले जगदलपुर के प्रतापगंज वार्ड स्थित मैना फायनेंस कंपनी प्रालि से सोनालिका ट्रेक्टर फायनेंस कराया था । उसे चार लाख 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ था । कंपनी ने किश्त निर्धारित कर उसे कुल छह लाख 15 हजार रुपये अदा करने कहा था । इधर शो रूम से ट्रेक्टर उठाने के पहले मनीराम से नगद दो लाख 40 हजार रूपए जमा करवाए गए थे । मनीराम कंपनी द्वारा निर्धारित किश्त राशि 62 हजार रुपये के अनुसार चार किश्तों में कुल दो लाख 48 हजार रुपये अदा कर चुका है ।

गत वर्ष फसल कमजोर होने के कारण वह दो किश्त अदा नहीं कर पाया और उसने फायनेंस कंपनी से एक साल का समय मांगा । इसके बावजूद कंपनी के आदमी एरमूर पहुंचकर मनीराम को राशि जमा करने लगातार दबाव बनाते रहे ।

 कोलकाता में मामला दायर

मेगमा फायनेंस कंपनी का मुख्यालय कोलकाता में है । जगदलपुर स्थित कार्यालय के अधिकारियों ने हेड ऑफिस में शिकायत कर दी कि मनीराम रुपये अदा नहीं कर रहा है । इस शिकायत पर । कंपनी ने कोलकाता कोर्ट में मनीराम के खिलाफ मामला दायर कर दिया । इसके चलते ही उक्ताशय का पत्र कोलकाता कोर्ट से एसपी बस्तर के पास पहुंचा । उन्होंने यह पत्र मारडूम थाना प्रेषित कर दिया । इस पत्र के आधार पर मारडूम थाना के पुलिस कर्मी मनीराम के गांव एरमूर पहुंचे और मनीराम को 11 मई को मारडूम थाना बुलाया गया । मनीराम 17 मई की सुबह मारडूम थाना पहुंच गया था । 12 मई को दो पुलिस कर्मी मनीराम को लेकर कोलकाता रवाना हुए थे ।

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