आंदोलन विज्ञान

छत्तीसगढ़ :लगभग सभी शिक्षाकर्मी नेता गिरफ़्तार किये गये ,राजधानी सील, जिलों से आने वाली सभी गाड़ियां रोकी ,सडकें सुरक्षा बलों ने घेरी ,किसी को नहीं आने दिया जा रहा है ,बसों मे भारी चेकिंग : आंदोलन जारी रहने की घोषणा

2.12.2017
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शिक्षकों के प्रदर्शन को रोकने के लिये भारी सुरक्षा बल तैनात , रायपुर को जाने वाली सड़के बन्द कर दी गई है ,सभी जिलों की सीमा पर पुलिस तैनात है जो धरपकड़ कर रही है ,रात को शिक्षक नेताओं को उठा लिया गया है..किसी को जिले से बाहर नही जाने दिया जा रहा है , बसों को चैक किया जा रहा है कि उसमें कोई शिक्षक तो नहीं हैं ,यदी कोई शिक्षक बैठा है तो उसे बस से उतार रहें है .रायपुर में धरना को अवैध घोषित कर Nदिया है।
विभिन्न जिलों से आ रही बस,जीप और अन्य वाहन जिले से बाहर निकलते ही रोक लिये गये है ,पूरे प्रदेश में हजारों गाड़ियां रोक ली गई है।

छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के संयोजक आलोक शुक्ला ने कहा है कि शांति पूर्वक तरीके से एकजुट होना सरकारी नीतियों का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार हैं, परंतु राज्य सरकार तानाशाही तरीके से विरोध करने के अधिकार को खत्म कर रही हैं। किसान आंदोलन के जैसा ही शिक्षाकर्मियों के आंदोलन को अनुमति नही देना, रातों रात गैरकानूनी गिरफ्तारियां करना, राजधानी तक लोगों को पहुचने ही नही देना यह लोकतंत्र की हत्या नही हैं तो और क्या हैं।
सरकार के इस गैर लोकतांत्रिक संविधान विरोधी दमनात्मक कार्यवाही की कड़ी निंदा करता हूं और इस दमन के खिलाफ सभी से एकजुट होने की अपील करता हूँ।

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