आंदोलन औद्योगिकीकरण मजदूर मानव अधिकार वंचित समूह

छत्तीसगढ़ मुक्तिमोर्चा और सीमेंट श्रमिक संघ का विशाल जुलूस व सभा

आज छत्तीसगढ़ मुक्तिमोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति और प्रगतिशील सीमेन्ट श्रमिक संघ के हज़ारों मजदूरों सड़कों पर उतर आए. इन मजदूरों ने शाम 5 बजे एसीसी गेट से विशाल जुलूस निकाला. ये जुलूस लेबर कैम्प से होते हुए रावण भाठा जामुल पहुंचा और अंत में वहां एक विशाल सभा की गई.

मुख्या मांग

जुलूस में मजदूरों की मुख्या मांगें ये थीं की एसीसी, ओउद्योगिक क्षेत्र, भिलाई स्पात सयंत्र सहित ठेका श्रमिकों को दीपावली के पहले बोनस दिया जाए.

उद्योग स्थाई है तो मजदूरों को स्थाई किया जाए

नौजवान बेरोजगारों को काम दिया जाए

बंद हो रहे छोटे-छोटे उद्योगों को चालू किया जाए

भयावह महगाई पर रोक लगाई जाए

छत्तीसगढ़ मुक्तिमोर्चा और प्रगतिशील सीमेन्ट श्रमिक संघ का विशाल जुलूस

आज छत्तीसगढ़ मुक्तिमोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति और प्रगतिशील सीमेन्ट श्रमिक संघ के हज़ारों मजदूरों सड़कों पर उतर आए. इन मजदूरों ने शाम 5 बजे एसीसी गेट से विशाल जुलूस निकाला. ये जुलूस लेबर कैम्प से होते हुए रावण भाठा जामुल पहुंचा और अंत में वहां एक विशाल सभा की गई.

Posted by सीजी बास्केट on Thursday, 17 October 2019

सभा में वक्ताओं ने कहा कि आज मजदूरों के बोलने के अधिकार को छीना जा रहा है. ये अभव्यक्ति की आजादी पर हमला है. मजदूरों के अधिकार पर बोलने वाली अधिवक्ता सुधाभरद्वाज को यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया और आज एक साल बाद भी उन्हें रिहा नहीं किया गया है. ये सीधे तौर पर लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन है.

केन्द्र सरकार लगातार रेल भेल सेल को अडानी अम्बानी (कारपोरेट) घराने के हाथों सौप ररही है. लाखों करोड़ों मजदूर बेरोजगारी के चलते भुखमरी की कगार पर आ खड़े हुए हैं. कारपोरेट घराने 100 प्रतिशत मशीनीकरण से काम चलाने का षड्यंत्र रच रहे हैं. उत्तरप्रदेश मे योगी सरकार ने 25 हजार होम गार्ड्स को निकाल दिया जो एक घोर जन विरोधी कदम है. पीएमसी बैंक से अपना पैसा नही मिलने पर 3 लोगो का मौत हो गई. छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को बड़ी आशा से मजदूरों ने सत्ता पर लाया था पर अब ये सरकार भी मजदूरों को अनदेखा कर रही है.

उद्योग स्थाई है तो मजदूरों को स्थाई किया जाए

जुलूस में मजदूरों की मुख्या मांगें ये थीं की एसीसी, ओउद्योगिक क्षेत्र, भिलाई स्पात सयंत्र सहित ठेका श्रमिकों को दीपावली के पहले बोनस दिया जाए.उद्योग स्थाई है तो मजदूरों को स्थाई किया जाएनौजवान बेरोजगारों को काम दिया जाएबंद हो रहे छोटे-छोटे उद्योगों को चालू किया जाएभयावह महगाई पर रोक लगाई जाए

Posted by सीजी बास्केट on Thursday, 17 October 2019

वक्ताओं ने आगे कहा कि हमें शहीद वीरनारायण सिंह, शहीद शंकर गुहा नियोगी, गुरु बालक दास, प्रवीर चन्द्र भंजदेव, जरहु गॉड का छत्तीसगढ़ चाहिए लुटेरे पूंजीपति कारपोरेट घराने का नहीं. पूरे देश के अंदर महिला मजदूर असुरक्षित हैं और उन्हें हाशिए पर धकेला जा रहा है. जशपुर से बस्तर तक के जल जंगल जमीन को, खनिज संपदा को, करपोरेट घराने के हाथों सौप कर वहां के आदिवासियों और दलितों को बेघर किया जा रहा है अब तो लोकतंत्र सरकारी बंदूक की नली से निकलता है. यह भयावह दौर है आने वाले पीढ़ियों का भविष्य अंधेरे में है. लाल हरा झंड़ा के सिपाही संघर्ष निर्माण के उद्देश्य को पूर्ण करने संघर्ष तेज करेंगे.

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