आदिवासी जल जंगल ज़मीन महिला सम्बन्धी मुद्दे मानव अधिकार राजनीति

छत्तीसगढ़ : नक्सलवाद के खिलाफ़ नीति पर चर्चा के पूर्व जल जंगल और जमीन के वादों पर फोकस करेगी सरकार.

पहले अपनी ज़मीन मजबूत करेगी सरकार और साथ में चलेगा चर्चाओं का दौर ..

रायपुर ,नई दुनियां .राज्य ब्यूरो
15.01.2019

नक्सलवाद के खिलाफ़ नीति बनाने के पहले सरकार अपनी ज़मीन मजबूत करने में लगी है . आदिवासी जल जंगल जमीन का अधिकार मांगते रहे है .इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार इन्हीं वायदों को पूरा करने और उसे पूरा करना चाहती है .वायदों को एक के बाद एक पूरा करने के साथ ही सरकार नक्सल प्रभावित अचलो के पीडितों ,समाज सेवीयों ,पत्रकारों ,बुद्धिजीवियों और फोर्स के जवानों से नीति पर चर्चा करेगी ताकि किसी प्रकार की शिकायत नहीं रहे.

राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के आदिवासियों की जमीनों को बचाने का काम शुरू कर दिया है .कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में वायदा किया था कि एसे उधोग जो आवंटन के पांच साल तक जमीन का उपयोग नहीं करते तो वह जमीन भूस्वामियों को वापस कर दी जायेगी .इस वायदे को पूरा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई हैं .सरकार ने टाटा द्वारा अधिग्रहित जमीन को वापस करने की प्रक्रिया आरंभ भी कर दी हैं .
एसे दस गांवों की जमीन वापस करने के आदेश दे दिये गये हैं. 1707 लोगों को 1764.61 हेक्टेयर निजी जमीन वापस की जायेगी.

जंगल में अधिकार का मतलब है कि वनोपज पर आदिवासियों को सही कीमत मिले .इस कारण पहले साल में 75 में से 50 प्रमुख वनोपज उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढाने का वायदा किया है, इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया शूरू कर दी हैं .

* पीडितों ,बुद्धिजीवियों ,जवानों समेत कई पक्षों से बात करेके नीति तैयार करेगी.

अधिकारों को सुरक्षित करने का वायदा .

अनुसूचित क्षेत्रों में वनाधिकार कानून पेसा कानून लागू है ,कांग्रेस का आरोप हैं कि भाजपा शासन में इनका पूरी तरह से पालन नहीं हुआ था .अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि वनाधिकार और पेसा कानून का पूरी तरह से पालन किया जायेगा , ताकि वनोपज और प्रकृतिक संसाधनों पर एस सी ,एस टी ,औबीसी और सामान्य वर्ग का व्यक्तिगत अधिकार और ग्राम सभा को निर्णय का सामूहिक अधिकार मिल सके.

चर्चा शुरू करेंगे तब शिकायत नहीं रहेगी.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आदिवासी जल जंगल और संसाधनों पर अधिकार मांगते रहे है ,उन्हें अधिकार देने में कोई हर्ज़ नहीं हैं .कांग्रेस ने जो वायदा किया था उसे पूरा करना शुरू कर दिया है ,जब उनकी मांगे पूरी होने लगेगी तब सरकार नक्सलवादियों के खिलाफ़ बनने वाली नीति पर चर्चा शुरू करेगी.तब सरकार से किसी को शिकायत नहीं रहेगी .

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