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छत्तीसगढ़ में फिर से 7 नए कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि, कांग्रेस नेता सहित 13 पर FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है कल आधी रात फिर से कोरोना के 7 नए पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि की गई। दीपांशु काबरा ने ट्वीट करके इस बारे में जानकारी दी है।

यह सातों नए पॉजिटिव मरीज कोरबा के कटघोरा इलाके के ही हैं इन सभी का संपर्क इससे पहले मिले 8 पोजिटिव मरीजों से होना बताया जा रहा है सूचना है कि उनके संपर्क में आने से ही इन तक ये वायरस ट्रांसफर हुआ है। इन सभी को रायपुर एम्स भेज दिया गया है।

कटघोरा में वैसे ही पूरी तरह लोग टाउन है अब वहां की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है
खबर यह भी है कि पॉजिटिव और संदिग्ध लोगों को छुपाने और उनकी मदद करने के आरोप में कटघोरा के एक कांग्रेस नेता समेत 13 लोगों पर एफआइआर भी दर्ज की गई है इन पर आरोप है कि वे इन लोगों को छुपाने प्रशासन को इनकी सूचना न देने मैं मदद कर रहे थे।
इसके साथ ही अब छत्तीसगढ़ में कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या 25 हो गई पिछले 2 दिनों से लगातार नए मामले सामने आ रहे हैं। यह सारे मामले प्रदेश के एक ही जिले कोरबा के कटघोरा इलाके के हैं

कटघोरा में सबसे पहले मिले 16 साल के पॉजिटिव व्यक्ति से किसी ना किसी तरह इन सभी का संपर्क होना बताया जा रहा है।

प्रदेशवासियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना यह भी है कि आग से पूरे प्रदेश में हर व्यक्ति के लिए मास्क पहन कर घर से निकलना अनिवार्य कर दिया गया कल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट करके इस बारे में जानकारी दें पुलिस बीती रात से ही सख्त हो गई और मास्क पहनकर बाहर निकलने वाले हर व्यक्ति पर एफ आई आर दर्ज कर रही है आप घर से बाहर निकले तो मास्क याद से पहनें।

मीडिया की ज़हरीली भाषा

यह सभी नए पॉजिटिव मरीज जमात से संबंधित हैं या नहीं इसकी कोई आधिकारिक जानकारी या पुष्टि नहीं है लेकिन फिर भी छत्तीसगढ़ का लोकल मीडिया इन्हें जमाती ही कह रहा है। आपको बता दें कि पिछले दिनों  जमात के नाम पर झूठी खबर दिखाने के मामले में ज़ी न्यूज़ पर एफ आई आर दर्ज की गई थी बिलासपुर और छत्तीसगढ़ के आस-पास कुछ लोकल न्यूज़ वेबसाइट पर भी फेक न्यूज़ फैलाने भ्रामक खबरें दिखाने का आरोप लगाया गया है। लेकिन समाज में यह जहर अब फैल गया है। हर मुस्लिम को जमात से ही जोड़ा जा रहा है जबकि इसकी कोई पुष्टि नहीं
खबरों की भाषा कोरोना से संबंधित समाचार देने से ज्यादा यह बताने जैसी है कि जमात से जुड़े लोगों ने जानबूझकर यह आयोजन किया है ताकि कोरोना फैले। कोरोना के जितना ही खतरनाक मीडिया की भाषा भी है।

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